बलिया में पोस्टर- ये गांव सवर्णों का है, कृपया वोट मांग कर शर्मिंदा न करें…

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत एससी/एसटी एक्ट को लागू कर दिया. जिसके बाद से ही सामान्य वर्ग में इस कानून के प्रति असुरक्षा और सरकार के फैसले के खिलाफ आक्रोश देखने को मिल रहा हैं. इसी कड़ी में जहाँ 6 सितंबर को सवर्णों ने भारत बंद का आह्वान किया था, वहीं एक गाँव ऐसा भी है जिसने एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ अपना रोष अनोखे लेकिन कारगार तरीके से दिखाया है.

 

एससी/एसटी एक्ट का विरोध कर रहा पूरा गाँव:

जहाँ पूरा देश एससी संसोधित एक्ट का विरोध कर रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के बलिया के बैरिया विधानसभा क्षेत्र में एक गाँव में नोटा का बोर्ड टांग कर वोट का बहिष्कार कर दिया है. साथ ही सभी राजनैतिक दलों से अपील की है कि वोट मांगकर उन्हें शर्मिंदा न करें।

मामला बलिया में सवर्णों के एक गाँव सोनबरसा का है. इस गाँव में जाकर वहां लगे बैनरों पर नजर डाले तो पता चलता है कि गाँव के ग्रामीणों ने एससी/एसटी एक्ट के विरोध का एक  अलग ही तरीका इख्तियार किया है.

 

पोस्टर लगा कर किया वोट का बहिष्कार:

बड़े बुजुर्ग और युवाओं ने SC/ST एक्ट का विरोध कर वोट कर गाँव में बोर्ड और बैनर लगा कर चुनाव का बहिष्कार कर नोटा पर अपना मत देने का फैसला लिया है।

इंकलाब जिंदाबाद और काला कानून मुर्दाबाद के नारे लगाकर गाँव वालों ने सभी राजनैतिक दलों से अपील की है कि इस गांव में आकर उनसे वोट मांगकर उन्हें और खुद को शर्मिंदा न करें।

 

युवाओं का दर्द: एक्ट से दोस्ती टूटी

गांव में विरोध कर रहे बुजुर्गों ने बताया कि इस एक्ट से युवा बेरोजगार हो जायेंगे. इनको कहीं नौकरी नही मिलेगी।

हमारे जो काबिल और होनहार लड़के है उनकी जगह आरक्षण वालों को मिल जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार हमने बनाई है और अब सरकार हमारी अवहेलना कर रही है।

वहीं गांव के युवा वर्ग ने भी इस बारे में बताते हुए कहा कि यह एक्ट देश तोड़ने का काम कर रहा है. जिस दोस्त से हम लोग कुछ दिन पहले बातचीत करते आज उनसे मतभेद हो गया है. आज पूरे देश में तोड़ने का काम हो रहा है.

 

भाजपा विधायक के बोल: बिना जांच के जेल जाओ, जन्म से अपराधी बन जाओ”

इसी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक की माने तो यह SC/ST एक्ट संसोधित कानून अंग्रेजो के कानून से भी बद्दतर कानून है. अंग्रेजो ने कानून बनाया था “नो अपील, नो दलील, नो वकील”. पर ये कानून तो उससे भी ज्यादा खतरनाक है. “बिना जांच के जेल जाओ जन्म से ही अपराधी बन जाओ”।

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