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किसी काम की नहीं मंदिरों में पड़ी संपत्ति, इसे बेच देनी चाहिए- बीजेपी सांसद उदित राज

दिल्ली से बीजेपी सांसद डॉ उदित राज ने देश के मंदिरों की संपत्ति पर सवाल उठाते हुए एक ट्वीट में कहा कि आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए इन संपत्तियों को बेच देना चाहिए। इस सलाह के लिए लोगों ने उन्हें काफी खरी-खोटी सुनाई है।

 

उत्तरी पश्चिमी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लोकसभा सांसद डॉ उदित राज ने मंगलवार को एक ट्वीट कर देश के मंदिरों में पड़ी संपत्तियों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आखिर देश के मंदिरों में पड़ी संपत्तियां किस काम की हैं।

 

साथ ही उन्होंने ये भी सलाह दी कि लोगों के भले के लिए इन संपत्तियों को बेच दिया जाना चाहिए। उदित राज ने अपने ट्वीट में केरल के बाढ़ पीड़ितों का जिक्र करते हुए लिखा, “केरल के पद्मनाभन, सबरीमाला और गुरुवायुर मंदिरों के सोने और संपत्ति को बेच दिया जाए तो बाढ़ की मार से उबरने के लिए आवश्यक 21 हजार करोड़ रुपये से पांच गुणा ज्यादा रकम जुटेगी। जनता को सड़कों पर निकल कर इसके लिए मांग करनी चाहिए। मंदिरों में पड़ी हुई संपत्ति किस काम की है?”

 

केरल के पद्मनाभ,सबरीमाल और गुरुवायुर मंदिरों के सोने और सम्पत्ति को बेच दिया जाए तो बाढ़ की मार से निकलने के लिए 21 हज़ार करोड़ से पाँच गुणा ज़्यादा है । जनता को सड़कों पर निकल करके माँग करनी चाहिए । मंदिरों में पड़ी हुई सम्पत्ति किस काम की है ?

लेकिन मानवता के भले की नीयत से बीजेपी सांसद द्वारा दी गई यह सलाह कई लोगों को रास नहीं आई। उदित राज की बात से भड़के कई लोग उन्हें टैग करते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाने लगे। जिससे सांसद का यह ट्वीट तेजी से वायरल होने लगा। कई लोगों ने उनकी नेक सलाह पर पलटवार करते हुए उनसे ये पूछ डाला कि ‘आप मस्जिदों और गिरजाघरों की संपत्तियों के बारे में भी अपने विचार साझा करें।’ वहीं, कुछ ने उन्हें हिंदू विरोधी बताते हुए उन्हें अपनी जमीन-जायदाद भारतीय सेना के कोष में दे देने की सलाह दे डाली।

 

डॉ उदित राज दिल्ली के उत्तरी पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। इसके अलावा वह ऑल इंडिया कन्फेडरेशन ऑफ एससी-एसटी ऑर्गेनाइजेशंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। मंगलवार को आया उनका बयान केरल में बीते दिनों आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बाद पीड़ितों की मदद में आ रही आर्थिक समस्या को लेकर था। बता दें कि केरल में आई भीषण बाढ़ की वजह से लगभग 400 लोगों की जान चली गई है, जबकि तीन लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं।

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