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बलिया के युवाओं ने UPPSC में दिखाया दम, इस बार बने इतने एसडीएम और अधिकारी
बलिया डेस्क : अगर हुनर और काबिलियत आपके पास है तो दुनिया की कोई ताकत आपको कामयाब होने से नहीं रोक सकती। यूपीपीएससी पीसीएस-2018 (UPPSC) का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है। इसमें बलिया (Ballia) जिले के 2 सगे भाइयों ने जिले का नाम रोशन करते हुए नई बुलंदियों को छुआ है। वहीँ एक बलिया की बेटी ने भी नामुमकीन काम को मुमकीन कर दिखाया और बलिया का नाम रोशन किया है।
शशि सिंह (Shashi Singh)- “हौसला बना लिया ऊँची उड़ान का, फिर देखना फुजूल है क़द आसमान का”, यह पंक्ति शशि सिंह पर अक्षरश है, बलिया (Ballia) सहतवार के गावं कुसौरी कला की रहने वाली शशि सिंह की जिन्होंने पीसीएस की परीक्षा में कामयाबी हासिल की है । उनका चयन श्रम प्रवर्तन अधिकारी के रूप में हुआ है। फ़िलहाल बेसिक शिक्षा विभाग आजमगढ़ में शिक्षक के रूप में तैनात है।
शुरुवाती पढाई सहतवार के कुंवर कान्वेंट स्कूल से हुई है। बलिया गुलाब देवी महाविधालय से उन्होंने ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढाई की है। शशि सिंह रेंजर एण्ड रोवर्स भी रहीं हैं और राष्ट्रपति पदक द्वारा सम्मानित भी की जा चूकी है। शशि के पिता करमचन्द सिंह सहतवार के सब पोस्ट मास्टर पोस्ट से रिटायर्ड हैं । इनकी मां सरस्वती सिंह 2005 से 2010 तक गावं की पहली महिला BDC रह चुकी हैं।
बड़े भाई दिग्विजय सिंह पेशे से एडवोकेट हैं। शशि सिंह ने बलिया ख़बर से अपनी सफलता के पीछे की टैग लाइन के बारे में बात करते हुए कहा कि धैर्य के साथ निरंतर प्रयास ही सफ़लता का मूल मन्त्र है। वहीँ शशि सिंह की सफलता पर ग्रामवासीयो और क्षेत्रवासीयो में खुशी की लहर है तथा लोगों ने ने उनकी उज्वल कैरियर की कामना की है।
अभिनव कुमार यादव- (Abhinav Kumar Yadav) बलिया (Ballia) के नगरा थाना के मेहराव गांव के रहने वाले अभिनव कुमार यादव जिन्होंने, पीसीएस-2018 में टॉप 100 में जगह बनाई है। 84वीं रैंक हासिल करने वाले अभिनव का चयन एसडीएम के पद पर हुआ है। अभिनव ने एमएलएनआईटी से बीटेक की पढ़ाई की है। अपनी सफ़लता के बारे में बात करते हुए अभिनव ने बताया की धैर्य, निरंतरता और सटीक गाइडेंस से उन्होंने यह सफलता हासिल की।
अरविंद कुमार यादव (Arvind Kumar Yadav)– बलिया के ही रहने वाले एवं अभिनव कुमार के छोटे भाई अरविन्द का भी चयन पीसीएस-2018 में बाटमाप विभाग में नियंत्रक विधिक के पद पर हुआ है बता दें की फ़िलहाल अरविंद राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। इनके पिता कोमल यादव झांसी में जिला विद्यालय निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। दोनों की प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई। इसके बाद पिता की नौकरी लगने के बाद परिवार के साथ दोनों प्रयागराज चले गए।
बता दें कि इस बार के UPPSC के एग्जाम में बलिया के युवाओं ने दम ख़म तो दिखाया है लेकिन पिछली बार की तुलना में इस साल जिले से चयनित होने वाले छात्रों की तादाद में कमी आई है.
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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।





