बलिया
दर्दनाक हादसा, छुट्टी पर बलिया आ रहे सिपाही समेत दो की मौत
बलिया। मऊ जिले में मंगलवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। बेकाबू कार की टक्कर से बाइक सवार सिपाही और भतीजे की मौत हो गई। सिपाही छुट्टी पर अपने घर बलिया आ रहा था। इधर, हादसे की सूचना घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
‘रफ्तार’ ने ली जान– बताया जा रहा है कि मऊ जिले के रतनपुरा बाजार स्थित फंटासिया पार्क के पास मंगलवार देर रात बेकाबू कार ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार चाचा-भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बलिया के रहने वाले सिपाही की मौत– बता दें बलिया जिले के गड़वार थाना क्षेत्र के सिकरिया गांव निवासी चिरंजीव कुमार (27) यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर सुल्तानपुर जिले में तैनात थे। मंगलवार छुट्टी पर घर आ रहे थे। मऊ आने के बाद उन्होंने अपने भतीजे आलोक (22) को बुलाया। देर शाम दोनों मऊ से अपने बाइक से घर जा रहे थे। तभी बेकाबू कार ने बाइक में टक्कर मारी और फरार हो गया।
परिजनों में कोहराम- हादसे में बाइक चला रहे सिपाही चिरंजीव की मौत हो गई। जबकि घायल भतीजे को स्थानीय लोगों की मदद से सदर अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजकर परिजनों को हादसे की सूचना दी।एसओ हलधरपुर अजय तिवारी ने बताया कि देर शाम कार की टक्कर से दो लोगों की मौत हुई।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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