बलिया स्पेशल
मरीज़ बढ़े तो घट गई डॉक्टरों की तादाद, ऐसा है बलिया के ज़िला अस्पताल का हाल
बलिया का जिला अस्पताल में मरीजों का इलाज रामभरोसे चल रहा है. आलम यह है कि बेडों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ मरीजों की संख्या भी इजाफा हुआ है, लेकिन चिकित्सकों की संख्या बढ़ने के बजाय घट गई है. जिला अस्पताल में पहले 176 बेड के सापेक्ष तीन सर्जन व चार फीजिशियन सहित कुल 29 चिकित्सक तैनात थे. उस समय जिला अस्पताल में औसतन 100 से 150 मरीज आते थे.
वर्तमान में जिला अस्पताल में कुल बेडों की संख्या बढ़कर 376 हो गई है और मरीजों की संख्या औसतन 200 से 220 पहुंच गई है. इस हिसाब से चिकित्सकों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी होनी चाहिये, लेकन बढ़ने के बजाय घटकर 23 पर आ गई है. ऐसे में मरीजों का बोझ बढ़ने के कारण चिकित्सकों पर भी काम का बोझ बढ़ा है, जिससे जिला अस्पताल में वर्तमान समय में जैसे-तैसे इलाज चल रहा है.
बात उस समय की है जब जिला अस्पताल में कुल बेडों की संख्या 176 थी. उस समय इसके सापेक्ष ईएमओ 4, ईएमओ ट्रामा 4, ईएमओ 3, सर्जन में तीन, फिजिशियन में 4, स्किन में 1, पैथालाजी विभाग में दो, ईएनटी में एक , एनेस्थेसिया में 2, ब्लड बैंक में 3 व 2 चिकित्सक डेंटल के तैनात किए गए थे. यह सिलसिला तब से चली आ रही है, जब से जिला अस्पताल मूर्त रूप आये.इसके बाद जनपद की आबादी बढ़ी और आबादी बढ़ने के साथ मरीजों की भी संख्या बढ़ी तो जिला
अस्पताल नया भवन बनाकर 2006-07 से बेडो की संख्या में इजाफा कर 100 बेड बढ़ा दिया, वर्तमान में जिला अस्पताल में बेडो की संख्या कुल 376 है. इस हिसाब से चिकित्स्कों की संख्या भी बढ़नी चाहिये, लेकिन अफसोस घटकर ये संख्या अब 23 हो गई है. ऐसे में जिला अस्पताल में इलाज का हाल क्या है, इसका आकलन आप सहज ही कर सकते हैं. मौजूदा समय में दो फिजिशियन का पद जहां रिक्त चल रहा है. वहीं ब्लैड बैंक तीनों पद रिक्त चल रहा है.
स्किन चिकित्सक के अभाव में 40 से 50 मरीज लौटते हैं बैरंग– मौजूदा समय में जिला अस्प्ताल में स्किन के चिकित्सक नहीं है. जिससे औसतन 30 से 40 मरीज दूसरी जगह इलाज कराने को मजबूर है. ऐसे में त्वचा की बीमारी से ग्रसित गरीब तबके के मरीज आर्थिक शोषण के शिकार हो रहे हैं. अमीर तो किसी प्रकार दूसरी जगह इलाज करा ले रहे हैं. लेकिन गरीब लोगों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
वहीँ सीएमएस बीपी सिंह का कहना है कि चिकित्सकों की कमी से शासन को अवगत करा दिया गया है, जो कुछ भी होना है, शासन से होना है.
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न आयामों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित कर सबको प्रभावित किया। उनकी सृजनशीलता और तकनीकी कौशल को देखकर अतिथि, अभिभावक व आगंतुक मंत्रमुग्ध रह गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के विख्यात एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, शोध क्षमता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।
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फेफना खेल महोत्सव : कबड्डी फाइनल में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बेटियों का दमदार प्रदर्शन
बलिया, 3 दिसंबर 2025। फेफना खेल महोत्सव 2025 के तहत आज बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा। खिताबी जंग जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव और मर्चेंट इंटर कॉलेज, बलिया के बीच खेली गई।
कड़े संघर्ष से भरे इस मैच में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बालिकाओं ने शानदार कौशल, साहस और टीमवर्क का परिचय दिया। अंतिम मिनटों तक चले रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।

पूर्व खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व खेल मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी ने दोनों टीमों से भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार में उत्सव जैसा माहौल
विद्यालय के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर तुषार नंद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन स्कूल के लिए गर्व की बात है।
प्रधानाचार्य अरविंद चौबे और क्रीड़ा शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल ने भी टीम की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


