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बलिया

गंगा के कटान से नहीं होगी तबाही, बाढ़ विभाग ने शुरु किया काम, NH-31 पर बोल्डर गिरना शुरु

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बलिया में बरसात के दिनों में गंगा और घाघरा नदी के कटान से काफी नुकसान होता है। ऐसे में इस बार गंगा के कटान से बचाव के लिए बाढ़ विभाग ने अभी से ही काम शुरु कर दिया है। कार्यस्थलों के पास एनएच-31 पर बोल्डर गिराए जा रहे हैं।

बता दें कि जिले में रुकी हुई परियोजनाएं फिर से शुरु हो गई हैं। इसमें गंगा व घाघरा के कटान से बचाव का काम एक अरब से अधिक धनराशि से होना है। इसमें रामगढ़, सुघरछपरा, दूबेछपरा, नरदरा-भुसौला के गंगा के कटान से बचाव की कुल छह परियोजना के तहत करीब 56 करोड़ 91लाख 29 हजार की लागत से कार्य होना है। फिलहाल मिर्जापुर के अहरौरा आदि जगहों से बोल्डर पहुंचने शुरु हो गये है।

वहीं अप्रैल में काम शुरु होने से गंगा किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में उम्मीद की आस जगने लगी है। लेकिन ग्रामीमों का कहना है कि अगर काम तेजी से नहीं हुआ तो बाढ़ का मौसम आ जाएगा और फिर से कटान शुरु हो जाएगा। बता दें कि गंगा और घाघरा हर साल बाढ़ और कटान के रुप में भारी तबाही मचाती हैं। बचाव के लिए हर साल करोड़ों की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है लेकिन परियोजनाएं समय पर पूरा नहीं हो पाती और फिर बरसात का मौसम आते ही तबाही शुरु हो जाती है।

सदर तहसील के रामगढ़ में पिछले साल की शुरू तीन परियोजनाओं में एक परियोजना (11 करोड़ 3 लाख 96 हजार) की एनएच -31 के किमी 26.900 पर बनने वाले स्पर का कार्य आज भी अधूरा पड़ा है। ऐसे में समस्या हल नहीं हो पाती। इसके अलावा बलिया में एनएच-31 के किमी 27.540 पर एक स्पर (लागत :10 करोड़ 20 लाख 97 हजार), एनएच-31 के किमी 27.540 से 27.910 के बीच रिवेटमेन्ट कार्य (लागत : 8करोड़ 86 लाख 10 हजार), एनएच-31 के किमी 27.990 से 28.570 के बीच रिवेटमेन्ट कार्य (लागत : 11करोड़ 11 लाख 56 हजार) दूबेछपरा, उदयीछपरा, गोपालपुर के सुरक्षार्थ रिवेटमेन्ट व पक्र्यूपाइन कार्य (लागत : 9 करोड़ 10 लाख 75 हजार), दूबेछपरा-टेंगरही रिंग बंधा के किमी 0.450 मीटर पर फार्क स्पर एवं इंड-1 कार्य (लागत : 9 करोड़ 89 लाख 90 हजार), लालगंज के जगदीशपुर,नरदरा-भुसौला के सुरक्षार्थ कार्य (लागत : 7 करोड़ 72 लाख एक हजार) परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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