बलिया
इस चुनाव से बदला बेल्थरारोड विधानसभा का दशकों पुराना मिथक
बलिया। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सरकार बनने के साथ ही एक इतिहास या फिर मिथक कहें वो आज बदल गया है। बलिया की बेल्थरारोड विधानसभा में जीत सपा गणबंधन की हुई लेकिन प्रदेश में सरकार बीजेपी की बनने की जा रही है। जबकि 3 दशकों से ऐसा जा रहा था कि बेल्थरारोड में जिस पार्टी का प्रत्याशी जीतता है यूपी में उसी पार्टी की सरकार बनती है। लेकिन यह इतिहास आज नहीं दोहराएगा गया। इस बार सपा के हसू राम ने जीत हासिल की। लेकिन बहुमत बीजेपी को मिला है।
इतिहास पर नजर डाली जाए तो 1984 के चुनाव छोड़कर हर बार बेल्थरारोड से जीते प्रत्याशी की पार्टी ने ही सरकार बनाई है। आजादी के बाद लगातार 3 चुनाव यानि की 1952, 1957 और 1962 में ऐसा ही हुआ। 1980 में कांग्रेस के बब्बन सिंह ने बेल्थरारोड से जीत हासिल की और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। हालांकि 1984 में कहानी थोड़ी बदल गई क्योंकि वो सामान्य नहीं था। सिख दंगों के बाद स्थिति काफी अलग थी।
फिर 1991 में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी के रूप में हरिनारायण राजभर जीते और भाजपा की सरकार बनी। 1993 में समय से पहले चुनाव हुए क्योंकि 1992 में अयोध्या में हुए बाबरी मस्जिद राम मंदिर विवाद के बाद केंद्र सरकार ने उत्तरप्रदेश की सरकार को बर्खास्त कर दिया था। 1993 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर शारदानंद अंचल चुनाव जीते और सूबे में सपा की सरकार बनने के बाद अंचल शिक्षा व पशुपालन मंत्री बने।
1996 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी हरिनारायण राजभर दूसरी बार विधायक बने और भाजपा की सरकार में कारागार मंत्री पद का निर्वहन किया। साल 2002 में समाजवादी पार्टी के शारदानंद अंचल चुनाव जीतकर सहकारिता मंत्री बने। 2007 के चुनाव में पहली बार बसपा ने अपना खाता खोला और केदारनाथ वर्मा ने चुनाव जीता। इसके साथ ही बसपा की सरकार बनी।
2012 के नये परिसीमन में सीयर विधानसभा का नाम बदल कर बेल्थरारोड सुरक्षित सीट पर समाजवादी पार्टी के गोरख पासवान ने अपनी जीत सुनिश्चित की और सपा की सूबे में सरकार बनी। 2017 में भाजपा के धनन्जय कनौजिया ने जीत दर्ज की और सूबे में भाजपा की सरकार बनी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। और 1984 के बाद अब दूसरी बार 2022 में यह इतिहास बदल गया।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।
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