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सुबह कर लें ये अमल, पूरा दिन न जादू असर करेगा न ज़हर…
दोस्तों अस्सलुमुअलैकुम वालेकुम व रहमतुल्लाह व बरकातहू दोस्तों हम हमारे रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम से बहुत मोहब्बत करते हैं और हम अपने आप को उनका गुलाम ए रसूल कहते हैं लेकिन दोस्तों क्या हम रसूलल्लाह सल्लल्लाहो वाले वसल्लम की सुन्नतओं के मुताबिक अपनी जिंदगी गुजारते हैं या नहीं दोस्तों यह बहुत बड़ा सवाल है कि हम अपने आप को गुलाम रसूल कहते हैं लेकिन हम उनकी जिंदगी पर अमल नहीं करते हम अपने आप को उनके लिए कुर्बान करना चाहते हैं लेकिन उनकी किसी बात को नाम कर उस पर अमल नहीं ना उनकी सुन्नत के मुताबिक हम खाते हैं ना पीते हैं ना पहनते हैं और ना ही सोते हैं फिर हम किस तरह से गुलाम ए रसूल हुए सिर्फ मुंह से कह देने से गुलाम ए रसूल हो जाता है.

दोस्तों हर पीर के रोज यानी सोमवार और जुमेरात के रोज यानी ब्रस्पतिवार को रसूल अल्लाह सल्लल्लाहो वाले वसल्लम को दुरु शरीफ का नजराना पेश किया जाता है हर इंसान की तरफ से जिसने जितनी दुरूद हफ्ते में या 2 दिन में भेजी होती है उनकी दुरूद रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की खिदमत में पेश किया जाता है कि फला शख्स की तरफ से इतनी दुरूद आपके लिए आई तो सोचिये दोस्तो हम दिन भर में अपने नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर कितनी दुरूद भेजते है.

हमारे मुंह से एक बार भी उस नबी के लिए दुरूद नही निकलती जिसने हमारे लिए अपनी सारी उम्मत के लिए न जाने कितनी तकलीफ उठाई दोस्तो अल्लाह के नबी खुद फरमाते है कि मैं इस दिन के खातिर जितनी तकलीफ उठाई और किसी नबी ने इस तकलीफ को नही झेल हम एक बार भी उनके लिए दुरूद नही भजेते हम 1 दिन में एक बार भी सुभानअल्लाह नहीं कहते हैं तो सोचिए दोस्तों किस तरह का हमारा माशरा हो गया है कि दीन से बहुत दूर और दुनिया से बहुत करीब हो गया है.

हालांकि अल्लाह की नजर में इस दुनिया की कीमत मच्छर की पर के बराबर भी नहीं अल्लाह फरमाते हैं कि इस दुनिया की कीमत मेरे नजदीक मरे हुए मच्छर के पर के बराबर भी नहीं है और आज हम इसी दुनिया के पीछे भागते हर इंसान कामयाब होना चाहता है लेकिन दीं की कामयाबी किसी को दिखाई नही देती अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि जिसने मेरी बातों पर अमल किया और अल्लाह के हुक्म पर रहा और उनके हुकुम माना ऐसा शख्स जन्नत में जाएगा.

लेकिन दोस्तों हमारे रसूल सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने जो बातें बता दी वह हक और सच है अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि जो शख्स सुबह सुबह उठकर 7 अजवा खजूर खाएगा तो उसको उस दिन ना कोई जहर नुकसान कर सकता है ना ही कोई जादू दोस्तों हमारे रसूल सल्लल्लाहो वाले वसल्लम की हर एक बात सच है और यह बेशक बिना किसी शक के इस बात को मान लेना ही हमारा ईमान है रसूलल्लाह सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने कह दिया कि 7 अजवा कुजूर जो खाएगा उस पर ना कोई जादू ना ही कोई जहर उस दिन काम करेगा।।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





