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सपा की जनचौपाल- पूर्व मंत्री बोले बलिया के विकास के लिए कुर्बानी देने के लिए तैयार हूं

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आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसी के चलते पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर विभिन्न जिलों में जनचौपाल कार्यक्रम चलाया जा रहा है। बलिया में सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री श्री नारद राय के नेतृत्व में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत आज परमन्दापुर, उमरगंज, बहेरी में जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान सपा के वरिष्ठ नेता जनता से रूबरू हुए।उमरगंज बहेरी में पूर्वमंत्री अंबिका चौधरी ने जनचौपाल को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 2022 में उत्तर प्रदेश के होने वाले चुनाव लोकतंत्र के लिए बड़ा ही नाम होगा इसलिए प्रदेश की जनता को भाजपा सरकार को हटाने के लिए कड़ी सतर्कता बरतनी पड़ेगी। समाजवादी पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गांव गांव जाकर भाजपा सरकार की जन विरोधी कार्यों को बताना होगा। इस दौरान पूर्वमंत्री मौजूदा भाजपा सरकार को कोसते नजर आए। उन्होंने जनसमस्याओं पर सरकार की असंवेदनशीलता को लेकर तंज कसा।

उन्होंने कहा कि भाजपा के केंद्र और प्रदेश की सरकार ने जनता से वादाखिलाफी की है प्रदेश में महंगाई बेरोजगारी एवं भ्रष्टाचार फैला हुआ गुंडों और माफियाओं को सामने सरकार बेबस और लाचार है। प्रदेश में खासतौर पर बलिया में विकास कार्य रुक गया है जो काम माननीय अखिलेश यादव ने कार्यकाल में  नारद राय के आग्रह पर बलिया विधानसभा में शुरू कराया था उसे वर्तमान सरकार पूरा तक नहीं करा पाई।इस दौरान सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री मोहम्मद रिजवी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने विकास नहीं विनाश हुआ है।

पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है लोगों को जाति के नाम से डराया जा रहा है श्री रिजवी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं वो प्रदेश और देश की एकता अखंडता के लिए घातक है। मुख्यमंत्री के भाषण का जवाब जनता 2022 के विधानसभा चुनाव में देगी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कोई अपराधी हो लेकिन उसके रिश्तेदार परिवार और बीवी बच्चे कहीं से दूरदराज के साथ रहने वालों का क्या दोष जिनकी संपत्ति मकान गिराए जा रही है। हम इस तरह की कार्रवाई का विरोध करते हैं और सरकार को समझाना चाहते हैं कि समय एक जैसा नहीं रहेगा। साथ ही उन्होंने सपा सांसद मोहम्मद आजम खान को बिना कारण जेल में बंद रखने की भी कड़ी निंदा की।इस दौरान उपस्थित पूर्व विधायक संग्राम सिंह यादव ने कहा कि 2022 में आपका आशीर्वाद एवं सहयोग मिला तो बलिया विधानसभा का समुचित विकास होगा और जिन कार्यों को माननीय अखिलेश यादव की सरकार में नारद राय के प्रयास से कराया गया उसे पूरा किया जाएगा। पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि जिस तरह से जन चौपाल में जनता का सहयोग मिल रहा है उससे लगता है कि बलिया विधानसभा में भाजपा उम्मीदवार की जमानत नहीं बचेगी आज के जन चौपाल में आए हुए सभी लोगों का अभिनंदन किया और कहा कि जिंदगी भर आपकी सेवा करता रहूंगा आपके हक की लड़ाई लड़ता रहूंगा। सभा की अध्यक्षता घूरन प्रधान ने किया संचालन जिला उपाध्यक्ष जमाल आलम ने किया।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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