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बलिया में गरजे शिवपाल यादव, कहा- भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेकेंगे !
बलिया डेस्क : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही 2022 में होंगे, लेकिन राजनीति दल अभी से ही सियासी जमीन तैयार करने में जुट गए हैं। बलिया पहुचे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए समान विचारधारा वाले सभी बड़े व छोटे दलों से इकट्ठा होने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें भाजपा से गठबंधन के लिए कई बार ऑफर मिला, लेकिन उन्होंने इस ऑफर को स्वीकार नही किया। उनका गठबंधन सपा से ही होगा तथा वह त्याग करने के लिए तैयार हैं।
भाजपा से नहीं होगा गठबंधन
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने सहतवार नगर में आज संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि वह भाजपा से हरगिज गठबंधन नही करेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें भाजपा से गठबंधन के लिए कई बार ऑफर मिला, लेकिन उन्होंने इस ऑफर को स्वीकार नही किया। उन्होंने एक सवाल के जबाब में कहा कि वह सपा से गठबंधन करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह कहा कि राजनीति में उनका सिद्धांत है- संघर्ष के साथ त्याग। वह सरकार बनाने के लिए त्याग करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका नारा भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए गैर भाजपावाद का है। उन्होंने भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए समान विचारधारा वाले सभी बड़े व छोटे दलों से इकट्ठा होने का आह्वान किया है।
सहतवार , बलिया में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रदेश महासचिव श्री नीरज सिंह गुड्डू के पिता स्व० बद्रीनाथ सिंह जी की 19वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। pic.twitter.com/gVXs6Hu1tj
— Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) January 19, 2021
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि सभी दल इकट्ठा होकर ही भाजपा को हटाने में कामयाब हो सकते हैं। एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी को लेकर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कोई जबाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जब उनकी सभी दलों व नेताओं से बातचीत होगी तभी वह कुछ बोलेंगे। तांडव वीडियो को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भावनाओं के साथ खिलवाड़ नही होना चाहिये। उन्होंने नये कृषि कानून की पुरजोर मुखालफत करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा । उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए कानून बना रही है । उन्होंने सभी कानूनों को वापस लेने की मांग की।
राजनीति देश की एकता व अंखडता के लिए घातक
इसके पूर्व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने सहतवार के बड़ा पोखरा मैदान पर नगर पंचायत सहतवार के पूर्व चेयरमैन स्व. बद्रीनाथ सिंह की 19वीं पुण्यतिथि समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार की गलत नीतियो व कानूनी बिलो के कारण देश के गरीब, किसान, व्यापारी, बेरोजगार युवा सहित सभी आम लोग परेशान हैं। किसान बिल व कोराना पर राजनीति देश की एकता व अंखडता के लिए घातक है। उन्होंने आरोप लगाया है कि केन्द्र की गलत नीतियो, नोटबंदी, जीएसटी व कोरोना के कारण लोग पहले से ही मंहगाई व परेशानी झेल रहे थे, इस बीच किसान बिल लागू किया गया हैं, जो देशहित में गलत है।
शिवपाल ने पीएम मोदी पर कसा तंज
उन्होंने कहा कि किसान बिल का पार्टी तब तक विरोध करेगी जब तक इसे वापस नहीं ले लिया जाता। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार ने प्रतिवर्ष दो करोड़ लोगों को नौकरी देने की झूठी बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने देश के आर्थिक विकास को चौपट कर दिया हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रसपा किसान, गरीब, मजदूर के लिए एैसी पालिसी लायेगे की सभी को लाभ होगा। किसानो का बिजली बिल माफ कर दिया जायेगा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सरकार प्रसपा की ही बनेगी।
रिपोर्ट- अनूप कुमार हेमकर
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


