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बलिया में 8 सितंबर तक धारा-163 (पूर्व धारा 144) लागू, प्रशासन ने जारी किया आदेश
बलिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट/इंप्रूवमेंट परीक्षा 2025, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा 2023 तथा आगामी त्योहार – श्रावण शिवरात्रि, रक्षाबंधन, ईद-ए-मिलाद और बारावफात को देखते हुए बलिया जनपद में 21 जुलाई से 8 सितंबर तक धारा 144 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163) लागू कर दी गई है।
जिला मजिस्ट्रेट मंगला प्रसाद सिंह ने आदेश जारी करते हुए बताया कि इस अवधि में जनपद सीमा के भीतर पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के समूह में एकत्र होने, जुलूस निकालने, धरना-प्रदर्शन करने या अफवाह फैलाने पर प्रतिबंध रहेगा। विशेष परिस्थितियों में जुलूस या सभा के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। यह प्रतिबंध परंपरागत सामाजिक या धार्मिक अनुष्ठान, रीति-रिवाज और जुमे की नमाज पर लागू नहीं होगा।
हथियार व अवरोधक सामग्री पर रोक
आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र (लाठी, डंडा, चाकू, भाला, फरसा, बंदूक, राइफल, रिवाल्वर, पिस्टल आदि) लेकर नहीं चलेगा। हालांकि, सिख समुदाय के पारंपरिक कृपाण और ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। बुजुर्ग, बीमार और विकलांग सहारे के लिए लाठी या छड़ी का उपयोग कर सकते हैं। किसी भी सार्वजनिक स्थल, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, मकान की छत या परिसर में ईंट, पत्थर, बोतल, कांच के टुकड़े या विस्फोटक सामग्री एकत्र करने पर सख्त रोक होगी।
परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्था
परीक्षाओं के दौरान केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में ध्वनि विस्तारक यंत्र, मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, आईटी उपकरण, साइबर कैफे और फोटोकॉपी मशीन पूरी तरह बंद रहेंगे। परीक्षा केंद्र पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर परीक्षा केंद्र के आसपास नहीं जा सकेगा।
अफवाह, नारेबाजी व तोड़फोड़ पर भी रोक
इस दौरान कोई भी व्यक्ति सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने वाले पोस्टर, बैनर, कटआउट, नारेबाजी, पर्चा वितरण या अफवाह फैलाने का कार्य नहीं करेगा। सड़क, जलमार्ग, रेलमार्ग, कार्यालय या पेट्रोल पंप का घेराव, यातायात अवरोध, बाजार-बंद या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।
उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 (पूर्व में आईपीसी धारा 188) के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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