बलिया
बलिया के सभी मतदेय स्थलों पर 20 नवम्बर को लगेगा द्वितीय विशेष कैम्प
बलिया में 20 नवम्बर को सभी मतदेय स्थलों पर द्वितीय विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जन सामान्य से दावे और आपत्तियों या फार्म- 6,7 व 8 प्राप्त किए जाएंगे।
अपर जिलाधिकारी राजेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 जनवरी 2023 के आधार पर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत मतदाताओं की सुविधा के लिए यह कैंप लगाए जाएंगे।
इस दौरान समस्त बीएलओ अधिकारी अपने-अपने निर्धारित मतदेय स्थल पर उपस्थित रहेंगे। उच्चाधिकारी भी लगातार भ्रमण करेंगे। अपर जिलाधिकारी ने सभी राजनैतिक संगठनों और समाजसेवी संगठनों से अपील की है, जो लोकतंत्र को मजबूत बनाने में भागीदारी दें।
जो नवयुवक-युवतियां 1 जनवरी 2023 को 18 वर्ष या उससे अधिक की आयु प्राप्त कर चुके हैं, पर उनका नाम निर्वाचक नामावली में नहीं है, वह जल्द से जल्द अपना नाम शामिल कराएं और मतदाताओं के नाम अपमार्जित करने में सहयोग दें।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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