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सानिया मिर्ज़ा के लिखे इस पोस्ट को पूरी ज़िम्मेदारी से पढ़ा जाना चाहिए, जानिए क्या लिखा…
जब भी देश में कोई अनहोनी होती है तो कुछ लोग ऐसे होते हैं कि उसके साथ अपना एजेंडा जोड़ लेते हैं और ऐसा खास करके सोशल मीडिया पर होता है। दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं कि भारत की जनता में पाकिस्तान को लेकर बहुत ज्यादा गुस्सा है और भारत की जनता के सीने के भीतर बदले की आग जल रही है।लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कि सोशल मीडिया पर यह देखते हैं कि किसने क्या लिखा है और क्या नहीं लिखा है। दोस्तों ऐसे लोगों को ट्रोलर्स कहा जाता है। अब इन ट्रोलर्स ने सानिया मिर्जा को टारगेट किया है। उन ट्रोलर्स के हिसाब से सानिया मिर्जा ने पुलवामा अटैक पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी थी। जिसके बाद सानिया मिर्ज़ा ने इंस्टाग्राम और ट्विटर पर कड़ा जवाब दिया है।

सानिया ने लिखा है कि यह पोस्ट उन लोगों के लिए है जो यह समझते हैं कि सेलिब्रिटीज को किसी अटैक की निंदा करते हुए ट्विटर, इंस्टाग्राम और बाकी सोशल मीडिया हैंडल्स पर पोस्ट डाल कर अपनी देश भक्ति दिखानी चाहिए लेकिन क्यों? क्योंकि हम सेलिब्रेटी हैं और आप एक ऐसे व्यक्ति है जो अपना गुस्सा कही और निकलने के लिए ऐसे मौके ढूंढते है मुझे किसी भी हमले की सोशल मीडिया अकाउंट पर निंदा करने की जरूरत नहीं है और ना ही किसी प्लेटफार्म या छत पर खड़े होकर मैं यह चिल्लाऊं कि मैं आतंकवाद के खिलाफ हूं। जाहिर तौर पर हम आतंकवाद के खिलाफ है ही।

कोई भी व्यक्ति जो सही दिमाग का होगा वह आतंकवाद के खिलाफ होगा और अगर वह नहीं है तो यह प्रॉब्लम है। मैं अपने देश के लिए खेलती हूं उसके लिए पसीना बहाती हूं और ऐसे ही मैं अपने देश की सेवा करती हूं मैं सीआरपीएफ जवानों और उनके परिवारों के साथ खड़ी हूं मैं उनका दर्द समझ सकती हूं वह हमारे सच्चे हीरो हैं जो हमारे देश की रक्षा करते हैं।

उसके बाद सोनिया मिर्जा ने पुलवामा अटैक की निंदा करते हुए लिखा कि 14 फरवरी भारत के लिए एक काला दिन था। इसके साथ ही मैं उम्मीद करती हूं कि हमारे देश को भविष्य में कभी ऐसा दिन देखने को ना मिले। किसी की संवेदना से हालात बेहतर नहीं हो सकती यह दिन कभी भुलाया नहीं जा सकता और ना ही इनके गुनहगारों को माफ किया जा सकता है लेकिन मैं अभी भी शांति के लिए प्रार्थना करूंगी और आपको भी ऐसा ही करना चाहिए। आगे देखें वीडियो में.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





