बलिया के सुरहाताल में 10 दिसंबर से शुरु होगा नौकायन- DM सौम्या अग्रवाल

बलिया के सुरहाताल में जल्द ही आपको नावें दिखाई देंगी। 10 दिसंबर से यहां नौकायन शुरु होना वाला है। यह बात जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कही। बता दें कि विश्वविद्यालय के द्वारा आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन दो सत्रों में संगोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ। जिसमें जिला प्रशासन के अधिकारी, शिक्षाविद व नगर के संभ्रांत नागरिक शामिल हुए।

प्रथम सत्र की अध्यक्षता महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के पूर्व कुलपति प्रोफेसर पृथ्वीश नाग ने की। उन्होंने कहा कि यहाँ का जनसंख्या घनत्व बहुत अधिक है जिसे देखते हुए उच्च शिक्षा में संस्थानों एवं संसाधनों को बढ़ाये जाने की जरूरत है। इस सत्र में प्रो. प्रतिभा पांडेय, प्रो. प्रतिभा त्रिपाठी, प्रो. अंजनी कुमार सिंह ने बलिया के शैक्षणिक परिदृश्य पर अपने विचार रखें एवं अपने महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए।

दूसरे सत्र में बलियाः एक पुनरावलोकन विषय पर परिचर्चा आयोजित हुई। जिसकी शुरुआत करते हुए  बलिया के लिविंग लिजेंड और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो.आर. के. चौबे ने सुझाव दिया कि बलिया के विकास के लिए समिति बनाई जाए। अमेरिका से पधारे प्रो. जॉन माइकल वॉलेस ने कहा कि मैं बीते 12 वर्षो से बलिया लगातार आ रहा हूंँ और यह महसूस करता हूं कि विज्ञान का उपयोग समाज को बेहतर बनाने के लिए किया जाना आवश्यक है, इससे यहाँ ध्वनि प्रदूषण, जल प्रदूषण एवं कूड़ा निस्तारण की समस्या से मुक्ति मिल सकती है।भारत के लोकपाल की सदस्य पूर्व आईपीएस अर्चना मिश्रा रामसुंदरम ने बलिया से जुड़ी कई स्मृतियों को ताजा किया  अंतिम वक्ता के रूप में जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने अपने विचार रखें उन्होंने कहा कि आम जन के सहयोग से बलिया के विकास को लगातार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरहा ताल में 10 दिसम्बर से नौकायन शुरू किया जा रहा है। इसी प्रकार यहाँ की सब्जियों के कई देशों में निर्यात की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि लीविंग लिजेंड का निर्देश हमारे लिए महत्त्वपूर्ण है। हमारी कोशिश है कि आपके निर्देशों का क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।

इस मौके पर कुलपति प्रो.कल्पलता पांडेय ने कहा कि आप सभी के सहयोग से मैं विश्वविद्यालय को शिक्षा का उत्तम केंद्र बनाना चाहती हूंँ, जो बलिया और प्रदेश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाये। कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संचालन डॉ.अभिषेक एवं डॉ. विनीत ने किया। धन्यवाद ज्ञापन शैक्षणिक निदेशक डॉ पुष्प मिश्रा ने किया। इस अवसर पर प्रो. एस. सी.राय, प्रो.जे.पी.इन.पांडेय , प्रो. रविन्द्र नाथ मिश्र, प्रो. साहेब दुबे, प्रो. जैनेन्द्र पांडेय, प्रो. फूलबदन सिंह, डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय,डॉ. अजय चौबे,डॉ. प्रियंका सिंह,डॉ.शशिभूषण ,डॉ. संदीप, डॉ. मनोज कुमार एवं अन्य शिक्षकगण-विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Rashi Srivastav

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