बलिया
सफाईकर्मियों की हड़ताल से बलिया में पसरी गंदगी, जगह-जगह दिखा कचरे का ढेर
बलिया- नगरपालिका के सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहरवासी दिन भर परेशान रहे। सफाईकर्मी पीएफ भुगतान की पुरानी मांग को लेकर मंगलवार को हड़ताल पर चले गए जिससे शहर में देर शाम तक कूड़ा नहीं उठा और दिनभर गंदगी पसरी रही।
हालांकि बाद में ईओ ने सफाईकर्मी से मुलाकात की, बातचीत के बाद मामला शांत हुआ और हड़ताल समाप्त हुई। वहीं सफाईकर्मियों की यह हड़ताल शहर पर भारी पड़ गई। दिनभर आवारा मवेशी कचरा फैलाते रहे, कूड़ा उठान नहीं होने से गंदगी पसरी रही। वहीं कचरा होने से राहगीरों को भी काफी परेशानी हुई। नगर के सभी मोहल्लों में यही स्थिति बनी रही।
वहीं सफाईकर्मियों की हड़ताल से नगर की सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई। एक तरफ नगरपालिका दावा करती है कि साफ-सफाई पर प्रतिमाह करीब पचास लाख रुपये खर्च किया जाता है, जिसमें करीब 21 लाख रुपये तो नपा द्वारा आर्यन ग्रुप को महज 11 वार्डों की सफाई के लिए दिया जाता है। जबकि शेष 14 वार्ड की साफ-सफाई के लिए नगर पालिका लगभग 25 से 29 लाख रुपए खर्च करती है।
लेकिन एक दिन सफाई न होने से पूरे नगर में कचरा फैला रहा। दिन में 11 बजे में तक कूड़ा नहीं उठा। स्वच्छता को लेकर नगर पालिका के सफाई कर्मी बेपरवाह दिखें। स्वच्छताकर्मी का यह हाल सिर्फ हड़ताल के दिनों का नहीं है। आम दिनों में भी सफाई ठीक से नहीं होती। नगर के समाजिक व राजनितिक गतिविधियों के केंद्र के तौर पर जाना जाने वाला टाउन हाल का मैदान इन दिनों कूड़ा घर के रुप में जाना जाने लगा है। पिछले दो दिनों से जमा कूड़े को मंगलवार को भी नपा के सफाई कर्मियों ने नहीं उठाया, जिससे मोहल्ला वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर के जगदीशपुर पानी टंकी चौराहा मार्ग पर सड़क पर कचरा पड़ा रहता है। यही हाल शीशमहल गोला रोड़ का है। जहां कूड़ा नहीं उठने से नगरवासी परेशान रहे। वहीं अव्यवस्था को लेकर बलिया नगरपालिका चेयरमैन अजय कुमार समाजसेवी का कहना है कि मेरे नगर से बाहर जाते ही कुछ लोग जानबूझ कर सफाई कर्मियों को उकसा कर हड़ताल करा दे रहे है। हालांकि अब मामला समाप्त हो गया है। इस बार की हड़ताल नपा के ही अधिकारियों व कर्मचारियों की कारस्तानी है। ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की जाएगी। वहीं नगर पालिका ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि सफाई कर्मियों की मांगें मान ली गई है और शीघ्र ही उसे पूरा कर दिया जाएगा। बुधवार से नगर में नियमित तौर पर कूड़ा उठान होगा।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
बलिया
अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
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