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ज़ो’मैटो का ऑ’र्डर कैं’सल करने वाले आ’दमी ने तस्ली’मा नस’रीन पर और बु’रा लिखा था, देखिये क्या …
पंडित अमित शुक्ला नाम के एक ट्विटर अकाउंट द्वारा एक ट्विट करने के बाद सोशल मीडिया पर खूब अच्छे से खिंचाई होने लगी । दोस्तों तो अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह अमित शुक्ला कौन है ? ना ही यह कोई फिल्मी सितारे हैं और ना ही कोई राजनेता, तो फिर इनकी खिंचाई और इनका नाम चर्चित क्यों हो रहा है?
दरअसल इनकी खिंचाई की वजह है खुद इनके द्वारा किया गया एक ट्वीट । उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा कि “अभी- अभी मैंने जोमैटो पर दिया गया एक आर्डर कैंसिल किया है। ऑर्डर कैंसिल करने की वजह यह है कि जोमैटो ने जिस डिलीवरी ब्वॉय को भेजा था वह एक नॉन हिंदू राइडर था यानी कि मुसलमान था। अमित शुक्ला यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने आगे यह भी लिखा कि नॉन हिंदू राइडर भेजने के बाद भी उन्होंने बदलने से इनकार कर दिया साथ ही कैंसिलेशन करने पर रिफंड देने से मना कर दिया । उन्होंने डिलीवरी ब्वॉय से कहा कि तुम मुझे डिलीवरी लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते मैं रिफंड नहीं करना चाहता हूं बस ऑर्डर कैंसिल करना चाहता हूं।
हिंदुत्व के इतने बड़े सेवक अमित शुक्ला ने मुस्लिम से ऑर्डर नहीं लिया ऊपर से पैसे का नुकसान भी सहा ,ऐसे लोग तो अपनी नजर में हिंदुत्व की सेवा ही कर रहे होंगे। कुछ समय के बाद इस सेवक का एक और ट्वीट सामने आया पर हमें ट्वीट देखकर यह समझ नहीं आया कि यह इस बार किस की सेवा कर रहे हैं यह ट्वीट उन्होंने तस्लीमा नसरीन के लिए किया था जिसमें उन्होंने ऐसी अश्लील बात लिखी थी जिसे हम बोलते हुए या लिखते हुए भी शर्मा जाय।
दोस्तों तस्लीमा नसरीन को तो आप अच्छी तरह से जानते होंगे जो खुद ही अपने लिखे के कारण मुस्लिम के निशाने पर रहती हैं जिन्हें भारत में रहने की इजाजत खुद नमो सरकार ने दे रखी है लेकिन अगर यह सारी बातें अमित शुक्ला जान पाते या पढ़ लिख पाते तो ऐसी घटिया हरकत कभी ना करते । एक और दिलचस्प बात यह है कि इन की प्रोफाइल पर लिखा हुआ है एमबीए । अब एमबीए वालों को कोई भी प्रोडक्ट बेचने का महारथी माना जाता है लेकिन ऐसा करके उन्होंने हिंदुत्व का ही नहीं बल्कि MBA वालो का भी नाम खराब किया है उनकी इस हरकत पर पहले तो जोमैटो ने उनकी जमकर खिंचाई की और अब पब्लिक जमकर उनकी बैंड बजा रही है।
सिर्फ इतना ही नहीं अमित शुक्ला की पुरानी से पुरानी ट्वीट भी खंगाली जा चुकी है जिन पर किसी को भी प्राउड फील नहीं हुआ और ना ही उन्होंने किसी हिंदू का भला लिखा था ।

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





