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बारिश में बलिया का हाल देखकर रह जाएंगे दंग, तालाब बनी सड़कों ने खोली ‘विकास’ की पोल

बलिया में अगर सड़कों पर नाव चलती दिखे, तो चौंकिएगा मत। क्योंकि जनपद में बारिश से हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सड़कों पर गाड़ियों की जगह नाव चलानी पड़ रही है। लोग लकड़ी के चह और नाव पर बैठकर एक जगह से दूसरे जगह जा रहे हैं।

रुक-रुक कर हो रही बारिश से पूरे जनपद में जलभराव की स्थिति बन रही है। इससे लोग काफी ज्यादा परेशान हैं। गली-मोहल्लों में भरे पानी से घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। शहर के श्रीराम विहार कालोनी, वेयर हाउस परिसर, मंडी कालोनी, शिवविहार कालोनी में आज भी बारिश का पानी लगा हुआ है। शिवविहार कालोनीवासियों को तो नाव के सहारे ही अपने घरों तक आवागमन करना पड़ रहा है। मंडी के आगे घरों तक पहुंचने के लिए लकड़ी का चह बनाया गया है। इसी के सहारे लोग अपने घरों तक पहुंच रहे हैं।

महीनों से बलिया के कुछ इलाकों में जलभराव के हालात है। लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है। घर का कोई भी सामान लाने के लिए बाहर निकलने को लोगों को कई बार सोचना पड़ रहा है। इकट्ठे हुए बारिश में बदबू आने लगी है। दूषित पेयजल की भी समस्या बढ़ रही है। लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। शहर के जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए करोड़ों की लागत से नालों का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन नाला निर्माण इतनी धीमी गति से हो रहा है कि नागरिक परेशान हैं।

कुछ दिनों पहले सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के निर्देश पर नगर पालिका परिषद बलिया की ओर से 20 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। सांसद और ईओ ने दावे तो बड़े किए थे लेकिन यह प्रस्ताव भी घोषणाओं तक सिमट के रह गए। ईओ दिनेश विश्वकर्मा ने बताया कि जलनिकासी के लिए प्रबंध किए गए हैं। लेकिन बलिया में बनी परिस्थिति से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जलनिकासी अगर ठीक तरीके से होती तो इतने बुरे हालात न बनते।

 

Rashi Srivastav

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