बलिया के आर.के. मिशन स्कूल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वहीं स्कूल स्टाफ ने गांधी जी व शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डाला।
बच्चों ने गांधी जी का प्रिय भजन “वैष्णव जन ते कहिए पीर पराई जाने रे” प्रस्तुत किया ।सामूहिक गायन में कक्षा नवम की प्रगति राय,श्रेया राय ,मनीषा वर्मा, व कक्षा दशम की नंदिनी गुप्ता व दिव्यांशी ने भाग लिया। कक्षा एलकेजी से द्वितीय तक के छात्र गांधीजी के वेश में अपनी प्रस्तुति दी जिसमें तन्मय सिंह, ईशान गुप्ता, ताविश सिंह, शिवम गुप्ता, रुद्राक्ष ओझा ,आयुषी साहनी व अभिराज पाठक आदि रहे।
कार्यक्रम में हिंदी शिक्षक आशुतोष पांडेय ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व और कृतित्व पर व्यापक रूप से प्रकाश डाला। गांधी व शास्त्री जी के विचार व आदर्श अनुकरणीय है। लाला रत्नेश्वर (प्रधानाचार्य आर.के. मिशन स्कूल ,बलिया) ने अपने संबोधन में कहा कि गांधी जी व लाल बहादुर शास्त्री ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान दिया है। गांधी जी के महान योगदान को देखते हुए हीं उन्हें राष्ट्रपिता का दर्जा दिया गया। शास्त्री जी की अदम्य साहस ने प्रधानमंत्रित्व काल में भारत की गरिमा बढ़ाई।
स्कूल प्रबंधक हर्ष श्रीवास्तव ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि 2 अक्टूबर को भारत के 2 महान रत्न हमें गांधी व शास्त्री के रूप में मिले। गांधी जी के जीवन से हमें सदा सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है ।वही शास्त्री जी के जीवन से देश के लिए कुछ अनोखा प्रयास करने की प्रेरणा मिलती है। शास्त्री जी ने किसान व जवान के महत्व को समझा व नारा दिया ” जय जवान ,जय किसान “।दोनों महान व्यक्तियों का जीवन आदर्श स्रोत व अनुकरणीय है। इस अवसर पर समस्त शिक्षक -शिक्षिका उपस्थित रहे।
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…
सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…
जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प…