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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पाएं 1000000 रुपए तक का लोन, आसान किस्तों पर, ऐसे करें आवेदन…
क्या आप भी लेना चाहते हैं? 1000000 तक का लोन लेने के लिए अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है सरकार आपको दे रही है सीधा 1000000 तक का लोन। हमारे देश में ऐसे बहुत सारे छोटे-छोटे उद्योगी है जो लोन लेना चाहते हैं लेकिन उन्हें गारंटर ना मिलने की वजह से लोन नहीं मिल पाता है।लेकिन अब ऐसा नहीं होगा अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है और ना ही किसी गारंटर को ढूंढने की जरूरत है सरकार अब खुद आपको गारंटी दे रही है ।वही आपकी गारंटर बनेगी और बिना गारंटी लिए आपको ₹1000000 तक का लोन देगी .
आईए अब हम आपको बताता हूँ कि 1000000 तक का लोन पाने के लिए आपको क्या करना पड़ेगा? सरकार ने एक नई योजना बनाई है जिसका नाम है “प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ” इस योजना के तहत आपको 1000000 तक का सीधा लोन दिया जाएगा बिना किसी गारंटी दिए। दोस्तों सरकार ऐसा इसलिए कर रही है ताकि जो भी लोग बेरोजगार हैं वह इस लोन को लेकर अपना छोटा-मोटा उद्योग शुरू कर सकें। ऐसा करके सरकार ने एक बड़ी पहल की है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एक ऐसी योजना है जिसमें लोन लेने वाला व्यक्ति स्वयं गारंटर बनेगा यानी अब आपको लोन लेने के लिए किसी भी गारंटर को ढूंढने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन को तीन भागों में बांटा गया है। 1-पहली श्रेणी है शिशु लोन की इसमें आप 50000 तक का लोन ले सकते हैं। 2-दूसरी श्रेणी है किशोर लोन की इसमें आप 50000 से 500000 तक लोन ले सकते हैं। 3-तीसरी श्रेणी है तरुण लोन इस श्रेणी के अंतर्गत आप 500000 से 1000000 रुपए तक का लोन ले सकते हैं।
इस योजना की एक अच्छाई यह है कि आप पैसे लौटाने की अवधि 5 साल और बढ़वा सकते हैं जैसे कि अगर आपने 500000 का लोन लिया है और आपने पैसे लौटाने की अवधि 10 साल बताई है और किसी कारणवश आप किस्त नहीं चुका पा रहे हैं तो आप 5 साल और बढ़वा सकते हैं आइए दोस्तों अब हम आपको बता देते हैं कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको किन किन शर्तों का पालन करना होगा और इसमें कौन-कौन से कागज लगेंगे।
1-प्रमाण पत्र, जैसे कि वोटर कार्ड ,पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस साथ में लेकर जाना है . 2-एक स्थानीय निवास प्रमाण पत्र . 3-आय प्रमाण पत्र . 4-आधार कार्ड . 5-अकाउंट स्टेटमेंट . 6-पिछले 2 साल का बैलेंस शीट . 7-प्रोजेक्ट रिपोर्ट .8-दो पासपोर्ट साइज फोटो ।

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





