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होम आइसोलेशन वाले मरीजों को पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर होने ज़रूरी- बलिया डीएम
बलिया: जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों से साफ कहा है कि उनके पास थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर का होना अनिवार्य है। प्रतिदिन उनकी जांच करने जाने वाली टीम को निर्देश दिया है कि इसको भी हर हाल में देख लें कि हर मरीज के पास ये दोनों उपकरण हों। जिस मरीज के पास पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर नहीं होगा, उनको फैसिलिटी सेंटर में भेज दिया जाएगा।
उन्होंने कहा है कि ‘ऐसा संज्ञान में आया है इन उपकरणों का मूल्य अधिक होने तथा हर क्षेत्र में उपलब्धता नहीं होने के कारण भी लोग नहीं ले पा रहे हैं।’ इसके लिए मेडिकल स्टोर एसोसिएशन से वार्ता कर इन उपकरणों का न्यूनतम मूल्य निर्धारित किया गया है। साथ ही जनपद के 25 मेडिकल स्टोर पर उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है।
यह है जरूरी उपकरणों का न्यूनतम मूल्य- डीएम श्री शाही ने बताया कि थ्री लेयर मास्क (romsons) के 25 पीस का मूल्य 85 रुपये, पल्स ऑक्सीमीटर 755 रुपये, सोडियम हाइपोक्लोराइट 30 रुपये प्रति लीटर, विटामिन सी 30 टेबलेट 40 रुपये में, विटामिन डी3 की गोली 10 रुपये में तथा डिजिटल थर्मामीटर 180 रुपये जैसे न्यूनतम मूल्य पर देने की सुविधा दी गई है। पॉजिटिव मिलने पर होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज के पास यह उपकरण हर हाल में होने चाहिए। नहीं होने पर उन्हें तमाम दिक्कतें हो सकती हैं।
इन मेडिकल स्टोर पर रहेगा उपलब्ध- जिलाधिकारी ने उन 25 मेडिकल स्टोर की जानकारी देते हुए बताया कि बलिया शहर में प्रकाश मेडिकल स्टोर, भारत मेडिकल हॉल, भारत मेडिकल स्टोर, 7 टू 11मेडिकल शॉप, दवा केंद्र, लक्ष्मी मेडिकल स्टोर, दवा संगम, श्रीराम मेडिकल स्टोर, हिंदुस्तान फार्मेसी से इन सामानों को खरीदा जा सकता है।
इसी प्रकार बांसडीह में आदर्श मेडिकल स्टोर, सक्षम मेडिकल स्टोर तथा वर्मा मेडिकल्स, सहतवार में हरि ओम मेडिकल स्टोर, बैरिया में बाबा मेडिकल स्टोर व संजय मेडिकल स्टोर, रानीगंज में बालेश्वर मेडिकल स्टोर व कृष्णा मेडिकल स्टोर, लालगंज में भूषण मेडिकल स्टोर, चितबड़ागांव में बाबा मेडिकल स्टोर, केवरा में राधेश्याम मेडिकल स्टोर, सिकंदरपुर में जनता मेडिकल स्टोर, पूजा मेडिकल स्टोर व पंकज मेडिकल स्टोर, बेल्थरारोड में एफबीएसएस मेडिकल स्टोर, जयसवाल मेडिकल स्टोर व राहुल मेडिकल स्टोर, रसड़ा में सरोज मेडिकल स्टोर, दवा केंद्र व दुर्गावती मेडिकल स्टोर तथा नगरा में मनोज मेडिकल स्टोर पर ये उपकरण न्यूनतम मूल्य पर उपलब्ध है।
होम आइसोलेशन में इसलिए जरूरी है ऑक्सीमीटर- ऑक्सीमीटर क्यों जरूरी है, इस बाबत जिलाधिकारी ने बताया कि कई ऐसे केस में देखा जा रहा है कि जिनमें कोई लक्षण नहीं है, लेकिन उनका ऑक्सीजन लेवल अचानक कम हो जा रहा है। इस वजह से उनकी जान खतरे में पड़ जाती है। इसी को देखते हुए होम आइसोलेट हर मरीज को ऑक्सीमीटर रखने के निर्देश दिए गए हैं, चाहे उनमें लक्षण हों या नहीं। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर 96 से 100 के बीच ऑक्सीजन होना चाहिए। अगर यह 96 से नीचे होता है तो अलर्ट हो जाना चाहिए क्योंकि 92 से नीचे खतरनाक हो जाता है।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।





