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बलिया

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के लिए 100 किसानों से ली गई 10 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन

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बलियाः ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए शासन स्तर पर काम जारी है। जमीन अधिग्रहण की प्रकिया गति पकड़ चुकी है। अब तक 100 काश्तकारों से 10.368 हेक्टेयर की जमीन खरीदी जा चुकी है।

बता दें कि गाजीपुर- बलिया- मांझीघाट और बक्सर लिंक को चार पैकेज में ग्रीनफील्ड फोर लेन बनाया जाना है। एक्सप्रेस वे निर्माण के लिए कुल 7796 काश्तकारों से 439.0893 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इनमें से 100 काश्तकारों से जमीन खरीदी जा चुकी है।

वहीं 36 गांवों की कुल 112 हेक्टेयर की जमीन की रजिस्ट्री होना है। इसके लिए काश्तकारों की सूची पहले से ही प्रकाशित की जा चुकी है। रजिस्ट्री का काम शुरु हो चुका है। गुरुवार तक कुल 100 किसानों से 10 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है।

बताया जाता है कि रजिस्ट्री के दौरान नाम में अंतर आदि को लेकर तकनीकी दिक्कतें भी सामने आ रही हैं। नाम की स्पेलिंग आदि में अंतर के चलते रजिस्ट्री व पैसे के भुगतान में बाधा से रजिस्ट्री भी प्रभावित हो रही है। विभाग इन गड़बड़ियों को ठीक कराकर रजिस्ट्री में तेजी लाने में जुटा है। इसके अलावा 30 गांवों की करीब 127 एकड़ जमीन के दर निर्धारण की है। प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जबकि 32 अन्य गांवों की जमीनों का भी अधिग्रहण होना है।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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