Uncategorized
ऑस्कर अवार्ड 2019 में बजा भारत का डंका, इस मशहूर फिल्म को मिला अवार्ड…
दोस्तों आप सभी जानते है की ऑस्कर अवार्ड दुनिया का सबसे अहेम अवार्ड माना जाता है, ऑस्कर अकादमी पुरस्कार जिसे ऑस्कर के नाम से भी जाना जाता है, एक सम्मान है जिसे अमेरिकन अकादमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेस (AMPAS), द्वारा फिल्म उद्योग में निर्देशकों, कलाकारों और लेखकों सहित पेशेवरों की उत्कृष्टता को पहचान देने के लिए प्रदान किया जाता है, यह औपचारिक समारोह, जिसमें पुरस्कार दिए जाते हैं.

विश्व के सबसे प्रमुख पुरस्कार समारोहों में से एक है और इसे हर वर्ष 200 से अधिक देशों में टीवी पर सजीव प्रसारित किया जाता है। यह मीडिया का सबसे पुराना पुरस्कार समारोह भी है और इसके समकक्ष के ग्रेमी पुरस्कार (संगीत के लिए), एमी पुरस्कार (टेलीविजन के लिए) और टोनी पुरस्कार (थिएटर के लिए) अकादमी पर आधारित हैं.पहला अकादमी पुरस्कार समारोह 16 मई,1929 को, 1927/1928 फिल्म सीज़न की बेजोड़ फ़िल्मी उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए हॉलीवुड में होटल रुज़वेल्ट में आयोजित किया गया था, 2010 की फिल्मों को सम्मानित करने वाला सबसे हाल का समारोह 27 फ़रवरी 2011 को हॉलीवुड के कोडक थियेटर में आयोजित किया गया.

विजेताओं की घोषणा तीन महीने पहले ही कर दी गई थी; लेकिन 1930 में दूसरे अकादमी पुरस्कार समारोह में इसे बदल दिया गया। उसके बाद से और प्रथम दशक के दौरान, परिणामों को पुरस्कार की रात 11 बजे समाचार पत्रों को प्रकाशन के लिए दिया जाता है। इस विधि का इस्तेमाल तब तक किया गया जब लॉस एंजिल्स टाइम्स ने समारोह के शुरू होने से पहले ही विजेताओं की घोषणा कर दी; परिणामस्वरूप, अकादमी ने 1941 के बाद से विजेताओं के नाम की घोषणा के लिए एक सील बंद लिफाफे का प्रयोग किया है

अमेरिका के कैलिफॉर्निया में सिनेमाजगत के सबसे प्रतिष्ठित ऑस्कर अवॉर्ड्स का आयोजन किया जा रहा है. मेक्सिको के निर्देशक अल्फोंसो कुरों की ‘रोमा’ को ऑस्कर में ‘विदेशी भाषा फिल्म’ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला है. यह मेक्सिको की पहली फिल्म है जिसको इस श्रेणी में पुरस्कार मिला है. साथ ही भारत की लघु फिल्म ‘पीरियड: एंड ऑफ सेंटेंस’ को बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट का अवॉर्ड मिला है. बता दें, यह फिल्म पीरियड्स से जुड़ी भ्रांतियों से जूझ रही एक महिला के जीवन पर आधारित है.

वहीं, ‘रोमा’ के निर्देशक कुरों को 91वें अकादमी अवॉर्ड समारोह में सिनेमैटोग्राफी के लिए भी ऑस्कर मिला है. रिलीज होने के बाद से ही इस फिल्म की तारीफ सिनेमैटोग्राफी के लिए भी की जा रही थी. कुरों ऐसे पहले व्यक्ति हैं, जिन्हें अपनी ही निर्देशन में बनी फिल्म के लिए सिनेमैटोग्राफी का पुरस्कार मिला है. कुरों की इस ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ फिल्म से लोगों को काफी आशा थी. इस श्रेणी में ‘कोल्ड वॉर (पोलैंड), ‘ शॉपलिफ्टर्स (जापान)’, ‘ नेवर अवे (जर्मनी)’, ‘केपरनौम (लेबनान)’ भी नामित थी. रोमा की की कहानी 1970 के दशक के मेक्सिको की है. इस फिल्म को नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया था.

Uncategorized
जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
Uncategorized
जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
Uncategorized
माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





