बलिया
बलिया में अब बनेंगे भूसा बैंक, खरीदारी के लिए टेंडर भी होगा जारी
बलिया में गोवंश के लिए सरकार नेक पहल करने जा रही है। जहाँ ब्लॉकवार पंचायत स्तर पर भूसा बैंक बनाने की योजना बनाई गई है। ताकि निराश्रित गोवंशों के लिए स्थापित गो-आश्रय केंद्रों में चारे की कमी की समस्या दूर किया जा सके। सरकार की योजना के तहत अधिकारी किसानों से भूसा दान करने की अपील करेंगे। इसके अलावा भूसा खरीदा भी जाएगा। भूसा खरीदी के लिए टेंडर भी जारी किया जाएगा।
जिले में 28 गो-आश्रय केंद्र – पशुपालन निदेशालय के निर्देश पर विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। साथ ही पशुपालन विभाग भूसा खरीदने के लिए टेंडर भी निकालेगा। इस प्रक्रिया के तहत सालभर के लिए भूसा का भंडारण किया जाएगा। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा। सरकारी आंकड़ों में जनपद में 28 गोआश्रय केंद्र संचालित हो रहे हैं। जिगिरसड़ और बछईपुर में दो वृहद गो आश्रय केंद्र स्थापित हैं। साथ ही 16 अस्थायी केंद्र बनाए गए हैं। नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर पशु आश्रय स्थल का इंतजाम किया है।
अधिकारी भूसा दान करने की करेंगे अपील– लगभग 1500 निराश्रित पशु वर्तमान समय में मौजूद हैं। इस समय सरकार की ओर से एक गोवंश के भरण-पोषण के लिए प्रतिदिन 30 रुपये दिये जाते हैं। भूसा बैंक के लिए पंचायत स्तर पर भवन चन्हित करने के लिए ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसकी देखरेख भी वहीं करेंगे। अधिकारियों के साथ वे भी स्वैच्छिक भूसा दान के लिए किसानों और ग्रामीणों से बातचीत करेंगे।
पुआल से भरता गोवंश का पेट- भूसा बैंक की स्थापना से पशुओं का पूरे साल पेट भरेगा। वैसे अब तक जाड़े के दिनों में पशु आश्रय स्थलों में मवेशियों को पुआल की कुट्टी से पेट भरना पड़ता है। भूसा खत्म होने के बाद महंगाई के चलते खरीदा नहीं जाता। ऐसे में सस्ता पुआल ही उन्हें नसीब हो पाता है। अगर सही मायनों में भूसा बैंक काम करने लगा तो पशुओं को सालभर भूसा नसीब हो सकेगा।
वहीं इस सम्बंध में सीवीओ संजय श्रीवास्तव का कहना है कि गो-आश्रय केंद्रों में चारे की कमी दूर करने के लिए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य योजना तैयार की गई है। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से बातचीत की जा रही है। साथ ही ई-टेंडरिग की प्रक्रिया भी हो रही है। इस कवायद से गोशालाओं में भरपूर भूसा उपलब्ध होगा।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


