बलिया में बाढ़ का कहर मंडरा रहा है। गायघाट मीटर गेज पर गंगा नदी उफान पर है। इसका जलस्तर 55.940 मीटर दर्ज किया गया। यह लाल निशान से अब 1.615 मीटर नीचे है। पानी का तेज बहाव देखते हुए लगा रहा है कि ये जल्द ही खतरे के निशान को पार कर जाएगी।
इधर गंगा का जलस्तर बढ़ने से गायघाट, हल्दी सिताबदियारा आदि क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 100 एकड़ में परवल की फसल नष्ट हो गई है। किसानों का कहना है कि पहले परवल का अच्छा उत्पादन हो रहा था, लेकिन अब खेत में पानी प्रवेश करने पर फसल नष्ट हो गई है। ऊपरी क्षेत्र के किसानों को अच्छा मुनाफा हो रहा है।
इधर जिला प्रशासन ने 99 बाढ़ चौकियां सक्रि की हैं। बाढ़ क्षेत्र में संचालित गैस एजेंसी के संचालकों को जिला पूर्ति अधिकारी रामजतन यादव ने बैठक कर निर्देश दिया हैं कि वह प्रभावित होने वाले गांव के लोगों को पानी का फैलाव होने से पूर्व गैस सिलेंडर दे दें। ताकि बाढ़ के समय किसी को भोजन पकाने में कोई दिक्कत न हो।
सिंचाई विभाग बाढ़ खंड की ओर से गोपालनगर दियर में सरयू कटान को रोकने का प्रयास जारी है। दुबे छपरा में अधूरे कार्य को भी पूरा करने की दिशा में कार्य गतिशील है। इधर बीते तीन दिन घटाव के बाद सरयू का जलस्तर फिर से बढ़ना शुरू हो गया है। तूर्तीपार डीएसपी हेड पर सरयू का जलस्तर 62.850 मीटर दर्ज किया गया। एक दिन पहले जलस्तर 62.830 मीटर पर था। यहां खतरा निशान 64.01 मीटर है। जिले में के सिकंदरपुर, बेल्थरारोड, रेवती, बांसडीह तहसील सहित बैरिया के चांददियर व सिताबदियारा का क्षेत्र सरयू से प्रभावित होता है।
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