बलिया स्पेशल
IPS सुसाइड केस में नया मोड़, रवीना के पिता बोले-अभी शांत रहने दो तो अच्छा होगा
कानपुर के एसपी सुरेंद्र दास के सुसाइड केस में अब एक नया मोड़ आया है। आईपीएस दास की पत्नी डॉ. रवीना के पिता डॉ. राघवेंद्र का कहना है कि बेटी और दामाद के बीच क्या विवाद चल रहा था उन्हें इसकी बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी
डॉ. रवीना के पिता डॉ. रावेंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि रवीना और सुरेंद्र के संबंध मधुर थे। कोई विवाद नहीं था। रवीना ने उनको किसी भी तरह का विवाद नहीं बताया। अगर वह बताते तो ऐसी स्थिति आती ही नहीं। अपने कई मित्रों को इस तरह की पारिवारिक उलझनों से निकाल चुका हूँ। रवीना की हालत बिगड़ने पर सुरेंद्र के घर से निकले थे और अगर कोई मिस हैपनिंग हो जाती तो कौन जिम्मेदार होता।
दाहसंस्कार होने के बाद पहली बार रवीना के पिता डॉ. रावेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बैकुंठ धाम में रवीना करीब तीन घंटे तक रही। सभी ने उसकी हालत देखकर नहीं जाने को कहा था। इसलिए लेकर आया हूँ। रात में घर पर सुरेंद्र के शव को देखकर रवीना की हालत बिगड़ रही थी।
इसलिए उसे लेकर वहां से निकला था। रवीना अभी तक सदमे में है। सुरेंद्र की मौत से उनके पूरे परिवार को गहरा आघात लगाया है। सुरेंद्र और रवीना के बीच किसी भी तरह की दिक्कत नहीं थी। उन्होंने सुसाइड किस वजह से किया, इसकी कोई जानकारी नहीं है। सुरेंद्र ने सुसाइड नोट में किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है। अभी शांत रहने दें तो अच्छा होगा। जरूरत पड़ेगी तो सभी को बताऊंगा। रवीना व उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप गलत थे। सुरेंद्र का परिवार लगातार आता-जाता रहता था।
डॉ. रावेंद्र ने बताया कि सुरेंद्र ने उनके एक पालतू कुत्ता दिया था। वह हर समय हमारे साथ रहता है। जन्माष्टमी के दिन मै सुरेंद्र के घर गया था। पालतू कुत्ता सुरेंद्र से काफी हिला मिला था। इसलिए उसके लिए अड्डा व नानवेज फालोअर से मंगाया था। सावन और भादौ में वह लोग नानवेज नहीं खाते है। इसीलिए सुरेंद्र व रवीना दोनों ने ही व्रत करके भगवान की झांकी सजाई थी। दोनों ने शिवाले से भगवान के कपड़े और सजावट का सामान मिलकर खरीदा था। रात में प्रसाद भी फालोअप समेत सभी को वितरित किया था। जन्माष्टमी सजावट की फोटो भी अपलोड की थी। जन्माष्टमी के दिन पूजा न करने व नानवेज खाने की बात पूरी तरह से झूठी है।
डॉ. रावेंद्र सिंह ने बताया कि रवीना ने किसी को घरवालों से बात करने के लिए नहीं रोका। एसपी पूर्वी अपने आफिस अकेले जाते थे। अगर उनका मन होता तो वह आफिस में घर वालों से बात कर सकते थे। वह क्यो किसी को रोकेगी। सभी तरह की बाते बकवास है। रवीना को खुद 70 हजार रुपए मिलता था। ऐसे में पैसे की किसी भी तरह की बात नहीं थे। रवीना का सुरेंद्र पर किसी भी तरह का दबाव नहीं था। घर न जाने की बात भी पूरी तरह से बकवास है। रवीना लगातार घर कई बार गई थी।
रावेंद्र ने बताया कि 22 जून को एमएस की परीक्षा देने के बाद 28 जून को रवीना अंबेडकर नगर चली गई थी। सुरेंद्र ने सहारानपुर से फर्नीचर मंगाकर घर सजाने की बात कहकर देखने के लिए बुलाया था। इसलिए छह अगस्त को अंबेडकर नगर गए थे। वहां पर उन्होंने घर को बेहतर ढंग से सजाया था। तभी सुरेंद्र के कानपुर ट्रांसफर की जानकारी मिली तो सभी लोग एक साथ अंबेडकर नगर से आए थे। तब तक किसी भी तरह के परिवार की जानकारी नहीं थी। सुरेंद्र के बुलाने पर ही दो बार सहारनपुर भी गए थे।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न आयामों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित कर सबको प्रभावित किया। उनकी सृजनशीलता और तकनीकी कौशल को देखकर अतिथि, अभिभावक व आगंतुक मंत्रमुग्ध रह गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के विख्यात एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, शोध क्षमता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।
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फेफना खेल महोत्सव : कबड्डी फाइनल में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बेटियों का दमदार प्रदर्शन
बलिया, 3 दिसंबर 2025। फेफना खेल महोत्सव 2025 के तहत आज बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा। खिताबी जंग जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव और मर्चेंट इंटर कॉलेज, बलिया के बीच खेली गई।
कड़े संघर्ष से भरे इस मैच में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बालिकाओं ने शानदार कौशल, साहस और टीमवर्क का परिचय दिया। अंतिम मिनटों तक चले रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।

पूर्व खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व खेल मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी ने दोनों टीमों से भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार में उत्सव जैसा माहौल
विद्यालय के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर तुषार नंद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन स्कूल के लिए गर्व की बात है।
प्रधानाचार्य अरविंद चौबे और क्रीड़ा शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल ने भी टीम की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


