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बलिया

नई सुविधाः अब बलिया के 48 डाकघरों में कर सकेंगे यूपीआई से भुगतान

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बलिया के डाकघरों में नई सुविधा की शुरुआत की गई है। अब जिले के 48 डाकघरों में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए क्यूआर कोड लगाए गए हैं, ताकि ग्राहक यूपीआई से ऑनलाइन भुगतान कर सकें।

यानि कि डाकघर में अब डिजिटल पेमेंट से भुगतान हो सकेगा। बता दें कि देशभर के सभी डाकघरों के बुकिंग काउंटर्स पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं जिससे ऑनलाइन पेमेंट किया जा सके। इसी तर्ज पर उत्तरप्रदेश के डाकघरों में भी क्यूआर कोड लगाने का काम शुरु हो गया है।

प्रदेश के वाराणसी परिक्षेत्र के सभी छह प्रधान डाकघरों और 268 उप डाकघरों में डाक विभाग ने डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था के लिए क्यूआर कोड से यूपीआई आधारित आनलाइन भुगतान की सुविधा ग्राहकों के लिए उपलब्ध करा दी है। इसमें वाराणसी के 86, जौनपुर के 54, गाजीपुर के 54, बलिया के 48, चंदौली के 18 और संत रविदास नगर (भदोही) के 14 डाकघर शामिल हैं।

अब इन डाकघरों पर ग्राहक ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे। पीएमजी कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघरों में स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री पत्र, रजिस्टर्ड पार्सल, रजिस्टर्ड फॉरेन पत्र, व अन्य रजिस्टर्ड आर्टिकल्स, इंटरनेशनल एयर पार्सल, एरोग्राम इंटरनेशनल, फ्रैंकिंग मशीन रिचार्ज, बिजनेस पोस्ट, बिल मेल सेवा, विभागीय परीक्षा शुल्क इत्यादि के चार्ज का भुगतान अब कैश के अलावा डिजिटल पेमेंट के माध्यम से भी हो सकेगा। पत्र-पार्सलों की बुकिंग के दौरान काउंटर क्लर्क द्वारा प्वाइंट ऑफ सेल पर पत्र के प्रेषक व प्राप्तकर्ता की सभी जानकारियों को दर्ज करने के बाद ग्राहक को रकम बताई जाएगी और क्यूआर कार्ड को स्कैन कर भुगतान की प्रक्रिया संपन्न करने को कहा जाएगा।

खासबात यह है कि इस क्यूआर कोड से किसी भी यूपीआई पेमेंट एप्लीकेशन यानि फोन पे, गूगल पे, डाक पे, पेटीएम या एमेजन पे से भी भुगतान हो सकेगा। डाक अधीक्षक संजय त्रिपाठी ने बताया कि इससे डाकघरों में आए हुए ग्राहकों को फुटकर पैसों की समस्या से राहत मिल जाएगी और काउंटर पर बैठे डाक सहायक को भी नकद लेन-देन से छुटकारा प्राप्त हो जाएगा और समय की भी बचत होगी। इसके अलावा, रेलवे डाक सेवा में स्थित काउंटर्स पर भी ये क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जहां देर रात तक बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होती है। हालांकि नकद रकम देकर डाक वस्तुओं की बुकिंग का कार्य भी पूर्व की ही भांति होता रहेगा।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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