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नीरज शेखर ने राज्यसभा में उठाया आर्सेनिक पानी का मुद्दा, लोगों में फिर जगी उम्मीद!
नई दिल्ली डेस्क : बलिया में आर्सेनिक युक्त पानी की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद बलियावासियों को अभी तक आर्सेनिक युक्त पानी की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है।
अब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने आर्सेनिक युक्त पानी की समस्या को राज्यसभा में उठाकर एक बाऱ फिर से बलिया के लोगों में उम्मीद जगा दी है।
उन्होंने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान ये उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरु की गई जल जीवन योजना से 2024 तक बलिया के लोगों को आर्सेनिक युक्त पानी से निजात मिल जाएगी।
क्या है जल जीवन योजना?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन योजना की घोषणा अगस्त 2019 में की थी। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में पाइप जलापूर्ति (हर घर जल) सुनिश्चित करना है। साथ ही हर घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
नीरज शेखर ने क्या कहा?
राज्यसभा में इसी योजना की तारीफ़ करते हुए नीरज शेखर ने कहा कि हम जिस क्षेत्र से आते हैं वहां आर्सेनिक युक्त जल की समस्या है। प्रधानमंत्री ने इस योजना के तहत 2024 तक हर घर में सुरक्षित जल मुहैया कराने का वादा किया है। ऐसे में ये हम लोगों के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि मेरा ये मानना है कि हम लोग 70-72 साल में अपने लोगों को स्वच्छ पानी नहीं दे पाए हैं, ये हम लोगों में कमी है। मैं आर्सेनिक पानी पीने की वजह से विकलांग हुए लोगों को देखता हूं तो मुझे बहुत तकलीफ़ होती है। ये जो काम कर रहे हैं प्रधानमंत्री उसमें आप सब लोगों को सहयोग करना चाहिए। ये बहुत बड़ी योजना है, अगर ये 2024 तक पूरी होती है तो ये देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी।
यह भी पढ़ें- विश्वबैंक ने वापस लिए 36 करोड़, बलिया में आर्सेनिक युक्त जल से लोगों को नहीं मिलेगी निजात!
बता दें कि इससे पहले विश्व बैंक ने नीर निर्मल योजना के तहत ज़िले के 18 गांवों में पानी की टंकी के निर्माण के लिए 36 करोड़ रुपए का अनुदान दिया था।
लेकिन जल निगम पानी की टंकी का निर्माण कराने में नाकाम रहा। जिसके बाद विश्व बैंक ने सभी परियोजनाओं को निरस्त करते हुए अनुदानित 36 करोड़ रुपए वापस ले लिए।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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