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राष्ट्रीयस्तर पर ‘बलिया क्रांति 1942’ का प्रदर्शन, पेंटिंग में बलिया को आजाद कराने वाले शूरवीरों की कहानी
बलिया। आजादी की 75वीं सालगिरह को अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कला मंच मेरठ की ओर से आयोजित ऑनलाइन राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में राजकीय इण्टर कॉलेज बलिया के कला शिक्षक और वरिष्ठ चित्रकार डॉ.इफ्तेखार खान की कैनवास पर बनाई गई आयल पेंटिंग “बलिया क्रांति 1942″उत्तर प्रदेश की ओर से प्रदर्शित हुई। यह प्रदर्शनी 30 अगस्त तक चलेगी। ‘बलिया क्रांति 1942’ प्रदर्शनी का उद्घाटन ललित कला विभाग महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के विभागाध्यक्ष डॉ.सुनील कुमार विश्वकर्मा ने भारत माता का चित्र बनाकर किया।
प्रदर्शनी में पूरे भारत वर्ष से 180 चित्रकारों की कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया जिसमें असम, मणिपुर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, अंडमान निकोबार के चित्रकारों की पेन्टिंग प्रदर्शित हुई। ‘बलिया क्रांति 1942’ में बलिया की आजादी का इतिहास- डॉ. इफ्तेखार खां ने बताया की बलिया की अगस्त क्रांति 1942 के दौरान 18 अगस्त को बैरिया थाने पर यूनियन जैक उतारकर तिरंगा फहराते समय जनपद के कौशल किशोर सिंह सहित लगभग 20 लोग शहीद हो गए थे।
उनके इस बलिदान को भावी पीढ़ीयों और देश में बलिया के योगदान को बताने के लिए सत्य घटना पर आधारित काल्पनिक चित्रण बनाकर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दिया है। वहीं प्रदर्शनी का आयोजनकर्ता राष्ट्रीय कला मंच मेरठ के संयोजक चित्रकार और शिक्षक मनोज सिंह ने बताया कि ऑनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित कर पूरे भारत वर्ष के चित्रकारों की कार्यशाला में बनाई गई पेंटिग की प्रदर्शनी लगाई गयी है। यह प्रदर्शनी 30 अगस्त तक चलेगी।
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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।


