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नमाज़ में वस्वसे आयें तो क्या करें? मुफ़्ती तारिक मसूद साहब ने बताया कि…
पाकिस्तान के मशहूर मौलाना तारिक मसूद साहब से एक सवाल किया गया जिसमे ये पूछा गया कि नमाज़ में बहुत वसवसे आते हैं इनसे कैसे छुटकारा पाया जाए इसके जवाब में मौलाना तारिक मसूद साहब ने कहा कि वसवसे दो तरह के होते हैं एक तो ये होता है कि नापाकी के वसवसे आने लगते हैं और नमाज़ी को लगता है कि कहीं हवा तो नहीं ख़ारिज हो गयी या कहीं ऐसा तो नहीं कि पेशाब का कतरा चू गया हो तो इस मामले में एक सही हदीस है कि जब तक सौ फीसद यकीन न हो वजू टूटने का उस वक़्त तक यही समझा जाएगा कि वजू बाकी है.
अब जो वसवसे का मरीज़ है तो वो ये सोचता है कि पता नहीं मुझे सौ फीसद यकीन हो रहा है कि नहीं हो रहा है तो इसके बारे में उलेमा ने ये लिखा है कि आप कसम उठा कर ये बात कहिये कि आपकी हवा ख़ारिज हुई है या आपको पेशाब का कतरा निकल गया है अगर आपने कसम उठा ली तो मतलब आपको पूरा यकीन है कि पेशाब का कतरा निकला है इसका मतलब ये हुआ कि अप कसम उठा सकते हो तो आपका वजू टूटा है.

लेकिन इसके बाद एक और मसला है कि जो वहमी आदमी होता है अब वो सोचता है कि पता नहीं मैं कसम उठा सकता हूँ या नहीं उठा सकता है तो इसका मतलब ये हुआ कि आपको शक हो रहा है और आप कसम नहीं उठा सकते मौलाना तारिक मसूद साहब ने कहा कि अभी रात का वक़्त है मैं कहूँ कि अभी जोहर का वक़्त है तो आप कसम उठा कर ये बात कह सकते हो कि रात है चाहे आप कितने भी बड़े कसम के मरीज़ हों.

तो मतलब ये है कि आप कसम नहीं उठा सकते इसका मतलब आपका वजू नहीं टूटा फिर इस फ़िक्र में न रहे कि वजू है की नहीं है क्योंकि अल्लाह और उसके रसूल ने कह दिया है तो आपका वजू बाकी है दूसरा वसवसा तजवीद का होता है यानी जो वो जो पढ़ रहा है उसका तलफ्फुज सही निकल रहा कि नहीं निकल रहा है ऐसे में लोग इतनी जोर-जोर से पढ़ते हैं साथ वाले का नमाज़ पढना मुश्किल हो जाता है … आगे देखिये विडियो.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





