बलिया
MLC Election: बीजेपी ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी को बनाया उम्मीदवार
बलिया। यूपी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री और बलिया निवासी दानिश आजाद अंसारी पर बीजेपी ने एक बार फिर भरोसा बताया है। बीजेपी ने यूपी विधान परिषद चुनाव के लिए 9 उम्मीदवारों की घोषणा की है। पार्टी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित उन सभी मंत्रियों को विधान परिषद भेजने का फैसला लिया है जो कि अभी तक किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। पार्टी ने दानिश आजाद अंसारी को भी उम्मीदवार बनाया है।
योगी सरकार में मोहसिन रजा की जगह मुस्लिम मंत्री बने दानिश आजाद अंसारी केवल मुस्लिम चेहरा नहीं, बल्कि वह उस पसमांदा यानी पिछड़े मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि हैं, जो एक अर्से से अपनी अनदेखी की आवाज प्रदेश में उठाता रहा है। योगी सरकार ने उन्हें 29 अक्टूबर 2018 को उर्दू भाषा आयोग का सदस्य भी मनोनीत किया था। विधानसभा चुनाव के पहले उन्हें भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश महामंत्री भी बनाया गया था।
बता दें अंसारी बलिया के अपायल गांव के रहने वाले हैं। जिले की मिट्टी से उनका गहरा लगाव है। उनके दादाजी मोहम्मद ताहा अंसारी जूनियर हाई स्कूल सुखपुरा में शिक्षक रहे। उस जमाने में वह योग्य शिक्षक में शुमार थे। उनके अब्बा समीउल्लाह अंसारी बलिया में ही रहते हैं। दानिश की प्रारंभिक शिक्षा गांव से शुरू हुई उसके बाद वह लखनऊ चले गए। 2006 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीकाम की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद यहीं से वह मास्टर आफ क्वालिटी मैनेजमेंट, मास्टर आफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की।
जनवरी 2011 में भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गए। यहीं से दानिश के आजाद ख्यालात लखनऊ विश्वविद्यालय में गूंजने लगे। उन्होंने खुलकर एबीवीपी के साथ-साथ भाजपा और आरएसएस के लिए युवाओं के बीच माहौल बनाया खासतौर से मुस्लिम युवाओं के बीच काफी काम किया। वह अपने पिता के इकलौते संतान हैं, उनकी शादी हो चुकी है। दानिश की उम्र मात्र 33 साल ही है।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


