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रिपोर्ट से हुआ खुलासा, बलिया में कोरोना के 290 मरीज़ लापता !
बलिया डेस्क : बलिया में कोविड केयर सेंटर्स से मरीजों के लापता होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ज़िले में कोविड के 290 मरीज़ों का कोई अता पता नहीं है। वो ज़िले के कोविड सेंटर्स से नदारद हैं। हिंदी दैनिक अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक, गुरुवार तक ज़िले में एक्टिव केस की संख्या 376 थी। लेकिन जब ज़िले के तीनों कोविड केयर सेंटर्स (एल – 1 हॉस्पिटल) में मरीजों की संख्या को देखा गया तो वहां सिर्फ 86 मरीज़ ही मिले। यानी 290 एक्टिव केस वहां मौजूद नहीं थे।
ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर ये मरीज़ कहां हैं, क्या इनका कोई अता पता है या इन्हें लापता माना जाए? कोरोना मरीजों के लापता होने के मामले को लेकर बलिया के सीएमओ डॉ जितेन्द्र पाल ने सफ़ाई दी है। उन्होंने कहा कि जिले में लगातार मरीज सामने आ रहे हैं और इनकी संख्या भी बहुत अधिक है। इसलिए मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती करने में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। सीएमओ भले ही बात की दुहाई दे रहे हों की अस्पताल में जगह नहीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के ही आंकड़ों की मानें तो ज़िले के सभी कोविड केयर सेंटर में अभी मरीजों के लिए काफी जगह है।
आंकड़ों के मुताबिक, सीएचसी बसंतपुर में बने एल-1 अस्पताल में 50 मरीज भर्ती हैं, जबकि यहां 55 मरीजों की जगह है। सीएचसी फेफना में बने कोविड केयर सेंटर में कुल 125 बेड हैं और अभी यहां केवल पांच मरीज भर्ती हैं। शांति हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में 125 बेड हैं और यहां भर्ती मरीजों की संख्या 31 है। सीएचसी सुखपुरा और शहीद मंगल पांडेय महिला महाविद्यालय में बने एल-1 अस्पतालों की बात करें तो यहां क्रमश: 100 और 150 बेड हैं।
लेकिन ये दिनों कोविड केयर सेंटर्स पूरी तरह खाली है, यहां एक भी मरीज भर्ती नहीं है। मरीजों की संख्या में अंतर की बात पर सीएमओ ने सफाई देते हुए कहा कि ये अंतर इसलिए आ रहा है क्योंकि जिला जेल में भी कुछ मरीज सामने आए हैं, उन्हें जेल में ही आइसोलेट किया गया है। इसी प्रकार 22 जुलाई से काफी लोगों को होम आइसोलेशन की भी सुविधा दी गई है।
लेकिन सीएमओ की ये सफाई भी तथ्यात्मक रूप से सही नहीं लगती। इस बात पर यकीन करना बेहद मुश्किल है कि जेल में ज़िले के कोविड केयर सेंटर से ज़्यादा मरीज़ हैं। इसके अलावा दो दिन पहले शुरू किए गए होम आइसोलेशन की बात से भी मरीजों के अंतर को कवर नहीं किया जा सकता। बता दें कि बलिया में कोरोना संक्रमण का ख़तरा तेज़ी से बढ़ रहा है।
24 जुलाई की सुबह तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक बलिया में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 202 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही अब बलिया में कुल दर्ज मरीज़ों की संख्या 1141 के पार हो गई है। बलिया में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।


