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हजरत मोहम्मद(स.अ.व्.) का जनाज़ा किस ने पढाया?वफात कि खबर सुनते ही हजरत उमर और अबू बकर(र.अ.) पर क्या गुजरी?
दोस्तों अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्लाह बरकातहू दोस्तों आज हम मौलाना तारिक जमील साहब की तकरीर के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने हुजूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की वफात के वक़्त सहाबा का क्या हाल था यह बयान करेंगे दोस्तों जो बहुत दूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का विसाल हुआ तो जब यह बात अबू बकर सिद्दीक रजि अल्लाह ताला अनु को पता चली तो भागे हुए आए और चादर हटाई उन्होंने हुजूर सल्लल्लाहो वाले वसल्लम के माथे को चूमा और उनके आंसू की कतरे हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की माथे पर गिरे और कहां है.
मेरे खलील मेरे नबी मेरे जिगर आज मुझसे जुदा हो गए पूरा मजमा भरा हुआ था कोई रो रहा है कोई चीख रहा है कोई खामोश गमजदा बैठा हुआ है उमर रजि अल्लाह ताला अन्हा तलवार लहरा रहे हैं और तलवार लहराते हुए कह रहे हैं कोई ना बोले कि अल्लाह के नबी फौत हो गई जिसने यह बात कही मैं उसकी गर्दन उड़ा दूंगा दोस्तों जब हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की रूह निकालने के लिए अल्लाह पाक ने जिब्राइल अली सलाम को भेजा तो जिब्राइल अली सलाम से कहा कि देखो जबरदस्ती ना करना अगर खुशी से आने को तैयार हैं.

तो ले आना तू जब जिब्राइल अली सलाम आए तो अल्लाह के नबी ने कहा क्या बात है तो जिब्राइल अली सलाम ने कहा कि अल्लाह के नबी मलकुं मौत बाहर दरवाजे पर खड़ी है अंदर आने की इजाजत मांग रही है आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि आ जाए तो मलकुन मौत अंदर आई और आकर कहने लगे अस्सलाम वालेकुम या रसूल अल्लाह और फिर फरमाने लगे कि मैंने आज तक किसी को सलाम नहीं किया आप पहली हस्ती हैं.

जिन्हें मैं सलाम कर रहा हूं फिर फरमाने लगे या रसूल अल्लाह यह पहली मर्तबा हुआ है अल्लाह ने मुझे फरमाया की पूछ कर अंदर जाना बिना पूछे मत जाना इजाजत मिले तो अंदर जाना बिन पूछे ना जाना फिर कहा कि मेरे मेहबूब अल्लाह ताला फरमा रहे थे कि अगर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आना चाहे तो ले आना और ना आना चाहे तो छोड़कर चले आना आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि अगर मैं इजाजत दे दूंगा तो क्या फिर तुम मेरी जान निकाल लोगे तो मलाकुन मौत ने जवाब दिया जी जरूर निकाल लूंगा.

तो आपने जिब्राइल से इशारे में पूछा कि क्या कहते हो जाऊं या रह जाऊं तो जिब्राइल अलैहिस्सलाम ने कहा कि अल्लाह के रसूल अल्लाह आपसे मुलाकात का शौक रखता है आपने कहा जिब्राइल वापस जाओ और अल्लाह से पूछो कि मेरे बाद मेरी उम्मत का क्या करेगा मैं फिर बताऊंगा कि मुझे जाना है या नहीं और जिब्राइल वापस गए फिर पूछ कर आए और कहा कि अल्लाह के नबी अल्लाह पाक कह रहे हैं कि आपकी बात हम आप की उम्मत को तन्हा नहीं छोड़ेंगे।। आगे देखें वीडियो में।।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





