बलिया में सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। चाहे गांव हो या शहर, खराब सकड़ों के चलते आए दिन ना जानें कितने लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़कों में बने बड़े-बड़े गड्ढों के चलते आए दिन बड़ी दुर्घटनाएं देखने को मिलती रहती हैं। बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। अब ऐसा ही एक तस्वीर सामने आई है, जिसे देख समझ आता है कि सड़कों का नहीं बल्कि सड़कों पर कीचड़ और गड्ढों का विकास हो रहा है।
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक तस्वीर सोहांव ब्लाक के ग्राम सभा सरवनपुर की है। इस गांव की मुख्य आबादी करीब 300 है लेकिन गांव के 25 से 30 परिवार ऐसे छोर पर बसे हैं जहां कि सड़क बदहाल हालत में है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। स्कूली बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से नंगे पांव निकलते हैं।
स्कूल से लक्ष्मणपुर होते हुए आबादी तक जाया तो जा सकता है लेकिन समय व संसाधन की उपलब्धता नहीं हैं। ऐसे में स्कूली बच्चे प्रतिदिन आवागमन के लिए इन चुनौतियों का सामना करते हैं। बच्चों से बात करने पर पता चला कि कुछ दिन पहले तक घुटने भर पानी को पार करते स्कूल आते-जाते थे।
सरवनपुर के ग्राम प्रधान जितेन्द्र यादव ने बताया कि 2015 में सरवनपुर गांव बसा लेकिन इसके 30 घर थोड़ी दूरी पर रहते हैं। डेरे के लोगों को सड़क पर आने के लिए पगडंडियों के रास्ते ही आना पड़ता है। बाढ़ या बारिश आने पर इन लोगों को पानी कीचड़ में ही आना पड़ता है। ज्यादा पानी होने पर नाव का सहारा लेना पड़ता है। बताया कि गांव की आजतक चकबंदी नहीं हुई है। इसीलिए बस्ती तक जाने के लिए कोई मार्ग नहीं है। अब कीचड़ भरे रास्ते ग्रामीणों की मुसीबतों का सबब बन गए हैं। देखना होगा कि जनप्रतिनिधि व स्थानीय प्रशासन इस समस्या पर कब ध्यान देते हैं।
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