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बलिया स्पेशल

सलेमपुर सीट से इस उम्मीदवार को टिकट देकर BSP रच सकती है इतिहास

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इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और समाजवादी पार्टी (एसपी) के बीच गठबंधन हो गया है। दोनों पार्टियां के बीच 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमती बनी है। कांग्रेस को इस गठबंधन का हिस्सा नहीं बनाया गया है।
हालांकि दोनो ही पार्टियों ने कांग्रेस के लिए अमेठी और रायबरेली की सीट छोड़ दी है। इन सीटों का प्रतिनिधित्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी करती हैं। इस गठबंधन का औपचारिक ऐलान बीएसपी प्रमुख मायावती और एसपी प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।
गठबंधन का ऐलान करते हुए मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव में ग़रीबों, पिछड़ों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों को तरजीह दी जाएगी। दोनों ही पार्टियों के साथ आने और मायावती के बयान को देखते हुए ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि गठबंधन की ओर से इस लोकसभा चुनाव में ज़्यादा मुस्लिम प्रत्याशियों को मौका दिया जा सकता है।
ऐसे में यह भी उम्मीद की जा रही है कि पूर्वांचल की सलेमपुर लोकसभा सीट पर गठबंधन किसी मुस्लिम प्रत्याशी को मौका देने का ऐतिहासिक फैसला ले सकता है। सलेमपुर लोकसभा सीट पर किसी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट देना ऐतिहासिक इसलिए है क्योंकि इस सीट पर आज़ादी के बाद से अबतक किसी भी पार्टी ने किसी मुस्लिम प्रत्याशी को चुनावी रण में नहीं उतारा है।
यानी यहां से कभी किसी मुस्लिम प्रत्याशी को किसी पार्टी ने टिकट नहीं दिया। ऐसे में इस गठबंधन से उम्मीद की जा रही है कि वह यहां से मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट न दिए जाने की कवायद को बदलते हुए नया इतिहास रचेगा। इस सीट के जातीय समीकरण की बात करें तो यहां दलित और कुशवाहा के बाद सबसे बड़ी आबादी मुसलमानों की है।
यहां दलितों में कोई बड़ा चेहरा नहीं है। ऐसे में बीएसपी की तरफ़ से मुस्लिम प्रत्याशी अशफ़ाक़ हसन को मौका दिया जा सकता है। अशफ़ाक हसन बीएसपी के काफी पुराने नेता हैं।
वह पार्टी के लिए कई अहम ज़िम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अपने जीवन की तकरीबन आधी उम्र बीएसपी को समर्पित कर चुके अशफ़ाक़ हसन को भी उम्मीद है कि पार्टी इस बार उनपर भरोसा करके उन्हें मैदान में उतार सकती है। सन 1995 से बीएसपी के लिए काम करने वाले अशफ़ाक़ हसन को इलाके में काफ़ी पसंद भी किया जाता है।
मुस्लिम समाज के साथ ही उनकी दलितों के साथ- साथ सर्व समाज मे भी अच्छी  पैठ है। ऐसे में इस सीट पर उनकी दावेदारी मज़बूत नज़र आ रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीएसपी अशफ़ाक़ हसन को टिकट देकर यहां आज़ादी के बाद से अबतक चली आ रही मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट न देने की कवायद को तोड़ने में सफल होगी या नहीं?
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!

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बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।

बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।

तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।

युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।

इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।

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बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन

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बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न आयामों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित कर सबको प्रभावित किया। उनकी सृजनशीलता और तकनीकी कौशल को देखकर अतिथि, अभिभावक व आगंतुक मंत्रमुग्ध रह गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के विख्यात एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, शोध क्षमता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।

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फेफना खेल महोत्सव : कबड्डी फाइनल में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बेटियों का दमदार प्रदर्शन

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बलिया, 3 दिसंबर 2025। फेफना खेल महोत्सव 2025 के तहत आज बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा। खिताबी जंग जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव और मर्चेंट इंटर कॉलेज, बलिया के बीच खेली गई।

कड़े संघर्ष से भरे इस मैच में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बालिकाओं ने शानदार कौशल, साहस और टीमवर्क का परिचय दिया। अंतिम मिनटों तक चले रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।

पूर्व खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व खेल मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी ने दोनों टीमों से भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार में उत्सव जैसा माहौल

विद्यालय के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर तुषार नंद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन स्कूल के लिए गर्व की बात है।
प्रधानाचार्य अरविंद चौबे और क्रीड़ा शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल ने भी टीम की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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