बलिया स्पेशल
बलिया में आयुर्वेद चिकित्सालय का भी बुरा हाल, घर से बैठे सैलरी उठाते हैं डॉक्टर !
बलिया में आयुर्वेद विभाग की हालत बेहद खराब है।. लोगों का इलाज तीन पद्धतियों एलोपैथ, होम्योपैथ व आयुर्वेद से किया जाता है। तीनों विभाग की ओर से जिले में अस्पतालों का जाल बिछाया गया है। हालांकि इनमें से शायद ही किसी एक का लाभ लोगों को समय पर मिल पाता हो। लोगों के उपचार के लिये आयुर्वेद विभाग की ओर से पूरे जनपद में पांच दर्जन से अधिक अस्पताल स्थापित किये गये हैं। विभाग में कर्मचारियों मसलन फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय व स्वीपर की भारी-भरकम फौज है, हालांकि यह महकमा लोगों को स्वस्थ रखने में नाकामयाब है। .
विभाग का एक अस्पताल रसड़ा में 25 बेड का है, जबकि दो अस्पताल नगर व बांसडीह में 15-15 बेड के हास्पिटल संचालित होते हैं। इसके अलावा 65 अन्य को मिलाकर कुल संख्या 68 हैं, जिनमें चार यूनानी अस्पताल हैं। .
विभागीय लोगों की मानें तो 15 बेड के जिला राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में दो तथा बांसडीह व रसड़ा में एक-एक चिकित्सकों की तैनाती है। बताया जाता है कि 56 ऐसे आयुर्वेदिक हास्पिटल हैं जहां पर वर्षों से किसी चिकित्सक की तैनाती ही नहीं हो सकी है। ऐसे में इस बात का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों को आयुर्वेदिक तरीके से इलाज किस कदर मिलता होगा। मरीजों को पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। .
कहने को तो आयुर्वेद विभाग व अस्पतालों पर करीब तीन सौ कर्मचारी तैनात हैं हालांकि इनमे से अधिकांश सिर्फ कागजों में ही ड्यूटी करते हैं। स्वास्थ्य विभाग की तर्ज पर आयुर्वेद विभाग में कईयों की नौकरी ‘जुगाड़’ पर ही होती है। अस्पतालों पर डॉक्टर के अलावा फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय व स्वीपर आदि की तैनाती है।अधिकांश स्थानीय होने के नाते अपने इलाके के अस्पतालों पर ही नियुक्ति करा ली है। कुछ कभी-कभार ही ड्यूटी करने पहुंच पाते हैं। .
कागजों में तो 64 आयुर्वेदिक व चार यूनानी अस्पताल संचालित होते हैं लेकिन सुविधाओं के नाम पर अस्पतालों में कुछ भी नहीं है। जिला मुख्यालय पर डीएम आवास से सटे प्रदेश का पहला आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित है। इस अस्पताल की स्थापना के वक्त बेड सहित अन्य कई सुविधाएं दी गयी लेकिन रख-रखाव के अभाव में सभी खराब हो गये। दिन में यदि बिजली न हो तो अस्पताल के अंदर अंधेरा रहता है। ग्रामीण इलाकों में स्थित करीब 35 आयुर्वेदिक हास्पिटल तो किराये के एक-दो कमरों में चलते हैं। विभागीय लोगों का कहना है कि कुछ अस्पतालों के निर्माण के लिये जमीन मिली है तथा प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया, लेकिन पैसा नहीं मिलने के कारण निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका।.
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बलिया विधानसभा सर्वे 2027
2027 का विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहा है और बलिया नगर सीट पर सियासी हलचल तेज़ है। विधायक दयाशंकर सिंह के कामकाज को आप कैसे आंकते हैं? क्या उन्हें फिर से मौका मिलना चाहिए, और 2027 में आप किस पार्टी और किस चेहरे को विधायक के रूप में देखना चाहते हैं? बलिया ख़बर के इस सर्वे में अपनी राय दर्ज करें।
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बलिया BJP की इनसाइड स्टोरी! संगठन में पद की लड़ाई अश्लील वीडियो तक आई?
बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को लेकर दर्ज मुकदमे ने अब संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या संगठन में पद और प्रभाव की लड़ाई का विवाद इतना बढ़ गया कि मामला निजी वीडियो तक जा पहुंचा? सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण के पीछे संगठन में पद पाने की कथित होड़ और आपसी राजनीतिक खींचतान का एंगल भी सामने आ रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही वास्तविक तस्वीर साफ होगी।
क्या है पूरा मामला?: बांसडीह थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसका निजी वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रसारित किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
मामले में नामजद आरोपियों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वीडियो कॉल के दौरान उसका निजी वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके प्रसारित होने की जानकारी उसे बातचीत के दौरान मिली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को संबंधित बातचीत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात भी कही है।
पद की कथित लड़ाई से जुड़ा दूसरा एंगल : सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की एक दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि संगठन में पद और जिम्मेदारी को लेकर कुछ लोगों के बीच कथित तौर पर अंदरूनी खींचतान चल रही थी। इसी खींचतान के बीच विवाद ने ऐसा रूप लिया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को निशाने पर लेने और फंसाने के लिए मामले का फायदा उठाया।
सूत्रों का यह भी कहना है कि संगठनात्मक पद को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच व्यक्तिगत विवाद भी जुड़ता चला गया और आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि, यह दावा फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है कि कथित संगठनात्मक खींचतान का इस मामले से वास्तव में कोई सीधा संबंध है या नहीं।
जिले से लेकर लखनऊ तक मामला पहुंचाने की होड़?: इस पूरे प्रकरण को लेकर सूत्र एक और महत्वपूर्ण दावा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिले से जुड़े भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेता कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ नेता इस प्रकरण को लखनऊ तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
यानी एक तरफ मामले को स्थानीय स्तर पर संभालने और शांत कराने की कोशिश की चर्चा है, तो दूसरी तरफ इसे पार्टी के उच्च स्तर तक ले जाने की कवायद की बात सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि इसके पीछे भी संगठन में पद और प्रभाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक वजह हो सकती है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज: मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच, डिजिटल साक्ष्य और शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए कथित वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल बांसडीह पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह मामला केवल निजी वीडियो के कथित प्रसार का है या इसके पीछे संगठनात्मक पद की कथित लड़ाई, आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान की भी कोई भूमिका रही है।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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