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कश्मी’र पर पाकिस्तान को लगा अब तक का सबसे बड़ा झ’टका, इस शक्ति’शाली देश ने खीचा हाथ…
जब से आर्टिकल 370 हटाया गया है भारत में यह एक बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है । हर तरफ जश्न का माहौल है हर कोई मोदी सरकार के इस फैसले से बहुत खुश हैं वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान को इस फैसले से एक बड़ा झटका लगा है ।

पाकिस्तान पूरी तरह से हताश हो चुका है वह इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना चाहता है और प्रत्येक देश से मदद मांगने की कोशिश कर रहा है । पाकिस्तान ने अमेरिका रूस और चीन जैसे बड़े देशों से मदद मारने की कोशिश की,ऐसे में सभी देशों ने धारा 370 के लिए अलग-अलग प्रतिक्रिया जताई हैं। अमेरिका ,रूस और चीन के बाद पाकिस्तान ने अब संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष देश पोलैंड से मदद मांगी लेकिन पोलैंड ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया ।

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि पोलैंड संयुक्त राष्ट्र का अध्यक्ष देश है। जिस समय पाकिस्तान ने पोलैंड से धारा 370 को लेकर मदद मांगी तो पोलैंड ने भी आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी । पोलैंड ने कहा कि कश्मीर मुद्दे को पाकिस्तान और भारत को द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाना चाहिए।
पोलैंड के राजदूत एडम ने बयान दिया कि बेहतर होगा कि पाकिस्तान और भारत दोनों मिलकर द्विपक्षीय स्तर पर बात करें और कोई हल निकाले। इस तरह सभी देशों को इस मुद्दे में शामिल करने की कोई जरूरत नहीं है। एडम ने यह भी कहा कि यूरोपीय यूनियन की तरह पोलैंड भी दोनों देशों के बीच वार्ता का पक्षधर है”।
पोलैंड के इस तरह के जवाब से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा . दोस्तों धारा 370 के कारण जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया था जबकि धारा 370 हटने के बाद से विशेष राज्य का दर्जा जम्मू कश्मीर से खत्म हो चुका है। आपको बता देती जब से भारतीय गृहमंत्री और मोदी सरकार ने कश्मीर से धारा 370 हटाने और जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला किया तब से पाकिस्तान में बुरी तरह से हलचल मची हुई है ।

पाकिस्तान की सरकार पूरी तरह से धारा 370 हटाए जाने के विरोध में है और यह फिर से इसे लागू करने के लिए सभी देशों से मदद मांग रही है। लेकिन सूत्रों की मानें तो कोई भी देश पाकिस्तान की मदद करने के लिए तैयार नहीं है कोई मोदी सरकार के पक्ष में है तो कोई हिंदुस्तान पाकिस्तान को आपस में बैठकर समझौता करने किराय दे रहा है।
धारा 370 के हटने से बौखलाए इमरान खान ने हिंदुस्तान से कई तरह के संबंध तोड़ने के भी फैसले कर लिए . इतना ही नहीं उन्होंने तो भारत के साथ व्यापारिक संबंध भी खत्म कर दिया है।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





