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काला जादू की निशानिया और अलामत, हज़रत अली रज़ि० का वाकिया…
आज हम आपको बतायगे काला जादू कर बारे में काला जादू क्या है इसकी निशानियां और इससे कैसे छुटकारा मिले?तो आइए जानते है काला जादू क्या है? जादू में शैतान और इब्लीस से मदद मांगी जाती है जो मंत्र पढ़े जाते हैं उसमें अल्लाह और उसके रसूल का इंकार और उन की शान में गुस्ताखी की जाती है। इब्लीस या उसकी औलाद को माबूद मानकर उस से मदद मांगी जाती है कठिन जादू में कुरान को उल्टा करके पढ़ा और लिखा जाता है या हराम और गंदी स्याही से लिखा जाता है और इन्हीं वजह से हजरत अली रज़ी अल्लाह ने जो ऐसा जादू करते थे.

उन्हें चुन चुन कर मारा है और मारने का हुक्म दिया है और उनकी गर्दन उड़ाने का हुक्म दिया था और उस ज़माने में बहुत सारे जादूगरों की गर्दन उड़ाई गई थी। इससे आप जान सकते हैं कि यह अमल कितना बुरा अमल हो सकता है। आजकल तो हर तकलीफ और परेशानी की वजह जादू को दे दी जाती है कि फलाने जादू करवा दिया तो कारोबार नहीं चल रहा फलाने जादू करवा दिया तो यह बीमारी हो गई है तो किसी को बच्चे नहीं हो रहा है तो जादू करवा दिया किसी के रिश्ते नहीं आते तो वह समझते हैं कि किसी की सुस्ती और काहिली की वजह से दुकान नहीं चलती तो कहते हैं कि जादू करवा हर परेशानी का जिम्मेदार जादू को बताया जाता है .

ऐसा लगता है कि अल्लाह ताला ने दुनिया बना करके के जादूगरों करम पर छोड़ दिया। यह जानने के लिए कि जादू हुआ है कि नहीं इसकी कुछ निशानियां इन की निशानियां को देखना होगा तो आइए जानते हैं जिन पर जादू होता है की क्या निशानी है। किसी आदमी में 70 परसेंट अगर यह निशानियां दिख रही है तो समझ लें कि जादू किया गया है ख्वाब में जानवर हाथी ,शेर, भालू,कुर्बानी के जानवर सांप ,खिनज़ीर,बन्दर छिपकली जो भी खतरनाक जानवर है देखना। नींद में रोना,चिल्लाना, हंसना या आवाज़े देना ,झटके लगाना जैसे किसी ने पकड़ कर हिलाया हो, किसी को अपना पीछा करते देखना, और खौफ पैदा हो कर भागना ,डरावनी शक्ल देखना, खुद को ऊंची जगह से गिरते देखना नींद का कच्चा होना, रात को नींद ना आना, नींद में सख्ती से होंठ को चबाना , खंडहरों में खुद को देखना, वीरान जगह पर खुद को देखना मुर्दों को देखना, सोते में कोई चीज खाते हुए देखना जैसे कोई चीज खिलाई जा रही हो और सुबह उठकर उसे खाया हो ऐसा महसूस करना यह सारी चीजें जादू की निशानियां हैं ।

जब यह पता चले तो आप समझ जाए कि आपके ऊपर किसी ने जादू कर आया है अभी जो निशानियां मैं आपको बताने जा रहा हूं इस से आदमी की मौत भी हो सकती है जागने के बाद बहुत थकावट महसूस करना शरीर दर्द होना छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना गलती अपनी हो तभी गलती को ना मानना रिश्तेदारों दोस्तों और परिवार में बिला वजह बड़े बड़े झगड़े पैदा हो जाना घरवालों बीवी बच्चों और वालदेन से नफरत महसूस हो, सर, कमर के निचले हिस्से और कंधों पर दबाव महसूस हो ,ऐसा महसूस करना कि सर और कमर में सुइयाँ चुभ रही हो,

नमाज कुरान तिलावत से दूर भागना। हां दिन के बारे में बुरे भले ख्यालात आना, मस्जिद जाने से दिल घबराना जिस्म पर कट लगना खून गिरना बाल नजर बहुत से दफा जादू की वजह से मियां बीवी के रिश्ते का खराब होना रिश्ते में नफरत आना हर रिश्ते का टूट जाना मियां बीवी बाद में बात पर लड़ते हैं और ऐसे करते-करते बात तलाक तक पहुंच जाती।

अब हम आपको बताएंगे यादों को खत्म करने के उपाय। इसके असर को खत्म करने के लिए सूरः बकरा कुरआन की सूरः को 10 बार पानी पर दम करके सभी घरवाले सुबह नेहार मूंह पिले।जिस्म में मौजूद जादू पिशाब के आते ही खत्म होजायेगा।जादू के असर जो घर मे मौजूद है उनको खत्म करने के लिए हर कोने में उसी पानी से चिरकाओ करदे यानी पानी डाल दें और हर कोने में 1 बार आज़ान देदे।इन्शा अल्लाह इस अमल से जादू का खात्मा 1 दिन में हो जायेगा।

याद रहे 1 ही दिन में 10 बार सूरः बकरा पढ़नी है आप खुद पढ़े या घर के सभी लोग मिलकर पढ़े।दोसर अमल रात सोने से पहले अव्वल आखिर 5 बार दरूदशरीफ पढ़कर 300 बार अलजब्बार और अलकहार पढ़े।जिसने भी ये जादू किया होगा उसका चेहरा सोने में दिखजयगा या ताबीज़ कहा है पता चलजयगा।किसी से बात किये बिना पढ़कर सोजाना है।ये अमल 4 दिन लगातार करना है।इससे आपका काला जादू खत्म होजायेगा।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





