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बलिया स्पेशल

निर्भया कांड की 6वीं बरसी, ‘निर्भया’ के नाम पर बलिया को सरकारी सौगातों ने ठगा?

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निर्भया के गांव में आज भी लोग 6 साल पहले दिल्ली में उस पर हुए हमले और सामूहिक दुष्कर्म की बात को याद कर कांप उठते हैं। उस दौरान सरकार ने गांव में कन्या विद्यालय खुलवाने का वादा तो किया लेकिन वह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

बलिया जिले का मेदौरा कलां गांव, जो कि 16 दिसंबर 2012 को निर्भया पर हुए हमले के बाद रोशनी में आया।

बता दें कि निर्भया की मौत 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी। उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव निर्भया के अंतिम संस्कार में शामिल होने  के लिए पहुंचे थे। अखिलेश यादव ने सरकारी मदद देने के प्रस्ताव के साथ ही यह वादा किया कि वह गांव में एक अस्पताल और इंटर कॉलेज बनवाएंगे।

‘पीएचसी में लटकता रहता है ताला’
निर्भया के दादा लालजी सिंह ने गांव से फोन पर  टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया था , ‘अखिलेश ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बनवाने, एक इंटर कॉलेज और उनके परिवार के चार सदस्यों को नौकरी देने का वादा किया था लेकिन दूसरी सरकार आने के बाद भी कई कामों को अभी तक पूरा नहीं किया गया।’ यही नहीं उन्होंने यह भी कहा, ‘ स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हो गया लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं है, जिसकी वजह से स्वास्थ्य केंद्र किसी काम का नहीं है। वहां पर ज्यादातर ताला लटकता रहता है। इससे ऐसा लगता है कि जिम्मेदार विभाग अपने वादे भूल गए हैं। गांव की लड़कियों को सबसे करीब के स्कूल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।’ लाल जी ने कहा कि सबसे करीबी हाईस्कूल गांव से तकरीबन 10 किलोमीटर की दूरी पर है।

अब तक नहीं बना स्कूल
लालजी ने शोक जताते हुए कहा, ‘कई बार अधिकारियों को याद दिलाने और मुलाकात के बावजूद स्कूल के निर्माण के लिए कुछ भी नहीं किया गया।’ गांव की स्थानीय निवासी नैना देवी (80) ने कहा कि वह अब तक उस क्षति से बाहर नहीं आ पाई हैं। गांव की ही एक अन्य ग्रामीण ने कहा, ‘ हम उस दर्द को कभी नहीं भूल सकते, जो निर्भया ने सहन किया। उसके माता-पिता ने बहुत साहस दिखाया। जब गांव में लड़कियों के लिए स्कूल की बात हुई तो हमें काफी राहत मिली लेकिन सरकार की ओर से अब तक इसके लिए कुछ भी नहीं किया गया।’ मेदौरा गांव के स्थानीय निवासी देव मुनि, जो अपनी निराशा को छिपा नहीं सके, उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि सबसे करीबी स्कूल गांव से 10 किलोमीटर की दूरी पर है।जिला प्राधिकरण भी भूल गया वादे
सरकार की ओर से किए गए वादे को लगता है जिला प्राधिकरण भी भूल गया है। बलिया सीडीओ ने इस मुद्दे पर ऐसे जताया जैसे कि उन्हें कुछ पता ही नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह इस पर विचार जरूर करेंगे। बलिया डीएम से जब संपर्क करने की कोशिश की गई तो  उनका नंबर स्विच ऑफ था ।

मां ने कहा- अपराधी अभी भी जिंदा, कानून-व्यवस्था फेल

निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, ‘इस तरह के एक आपराधिक मामले में अपराधी अभी भी जीवित हैं। यह कानून और व्यवस्था की विफलता है। हम लड़कियों को हर जगह खुद को कमजोर नहीं मानने की बात कहते हैं और माता-पिता से अपनी लड़कियों को शिक्षा से वंचित नहीं करने का अनुरोध करना चाहते हैं।’

इसी साल जुलाई के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज की थीं। मुकेश (31), पवन गुप्ता (24) और विनय शर्मा (25) की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके फैसले पर पुनर्विचार करने का कोई आधार नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा कि जिन दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है वे उसके निर्णय में साफ तौर पर कोई भी त्रुटि सामने रखने में विफल रहे हैं। चौथे मुजरिम अक्षय कुमार सिंह (33) ने मौत की सजा के निर्णय पर पुनर्विचार के लिए याचिका दायर नहीं की थी।

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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!

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बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।

बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।

तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।

युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।

इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।

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बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन

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बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न आयामों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित कर सबको प्रभावित किया। उनकी सृजनशीलता और तकनीकी कौशल को देखकर अतिथि, अभिभावक व आगंतुक मंत्रमुग्ध रह गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के विख्यात एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, शोध क्षमता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।

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फेफना खेल महोत्सव : कबड्डी फाइनल में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बेटियों का दमदार प्रदर्शन

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बलिया, 3 दिसंबर 2025। फेफना खेल महोत्सव 2025 के तहत आज बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा। खिताबी जंग जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव और मर्चेंट इंटर कॉलेज, बलिया के बीच खेली गई।

कड़े संघर्ष से भरे इस मैच में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बालिकाओं ने शानदार कौशल, साहस और टीमवर्क का परिचय दिया। अंतिम मिनटों तक चले रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।

पूर्व खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व खेल मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी ने दोनों टीमों से भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार में उत्सव जैसा माहौल

विद्यालय के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर तुषार नंद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन स्कूल के लिए गर्व की बात है।
प्रधानाचार्य अरविंद चौबे और क्रीड़ा शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल ने भी टीम की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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