Connect with us

बलिया स्पेशल

बलिया के बेल्थरा रोड में ‘जानलेवा टॉवर’, प्रशासन की लापरवाही से ज़िंदगियां ख़तरे में

Published

on

बलिया (Ballia) ज़िले में प्रशासन की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि प्रशासन की इस लापरवाही की वजह से कई ज़िंदगियां मौत के ख़ौफ में सांस ले रही हैं।

मामला ज़िले के बेल्थरा रोड (Belthara Road) तहसील का है। जहां एक मोबाइल टॉवर लोगों के लिए जान का ख़तरा बना हुआ है और प्रशासन लोगों को इस ख़तरे से बचाने के लिए कोई कदम उठाता नज़र नहीं आ रहा। दरअसल, यह टॉवर (Tower) तहसील के पूर्वांचल ग्रामीण बैंक (Purvanchal Gramin Bank) की छत पर 16 साल पहले लगाया गया था। जानकारी के मुताबिक, इस टॉवर को लगाने के लिए नगर पंचायत से अनुमति नहीं ली गई थी।

 

लेकिन जिस वक्त यह टॉवर (Tower) लगाया गया था उस वक्त तहसील के लोग इलाके में मोबाइल नेटवर्क (Mobile Network) के आने से बहुत ख़ुश थे, इसलिए उस वक्त टॉवर लगाए जाने पर कोई सवाल नहीं उठे थे।

बाद में जब इस टॉवर की वजह से बैंक की छत कमज़ोर होने लगी तो इसपर सवाल उठने लगे। इलाके के लोगों ने इस ख़तरे को महसूस किया और इसकी शिकायत प्रशासन में की। इस टॉवर को लेकर उचित कार्रवाई करने के लिए डीएम-एसडीएम कार्यालय से लेकर नगरपालिका और लेखपाल तक को कई पत्र लिखे गए, लेकिन इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अब हालत यह है कि आसपास के लोगों के साथ ही बैंक कर्मचारी भी टॉवर की मौजूदगी से डरे हुए हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि वह मौत के साए में जी रहे हैं, उन्हें नहीं पता कब टॉवर की वजह से बैंक की छत उनके ऊपर गिर जाए और उनकी मौत हो जाए। वहीं आसपास के लोग भी इससे काफी डरे हुए हैं।

इलाके के लोगों का कहना है कि अगर बैंक की छत गिरी तो आसपास के घर भी इसकी चपेट में आएंगे, जिससे कई ज़िंदगियां ख़तरे में आ सकती हैं। इस संबंध में डीएम कार्यालय में शिकायत करने वाले इमरान जावेद (Imran Javed) बताते हैं कि टॉवर का ख़तरा ज़्यादा मशीनों के लगाने की वजह से बढ़ा है।

उन्होंने बताया कि इस एक टॉवर के ज़रिए कई मोबाइल नेटवर्क कंपनियां काम करती हैं, जिसकी वजह से मशीनें बढ़ाई गई हैं और मशीनों के बढ़ने के साथ ही ख़तरा भी बढ़ गया है। इमरान ( Imran) का कहना है कि इन मशीनों की तेज़ आवाज़ से आसपास के लोग काफी परेशान हैं। मशीनों का शोर इतना होता है कि वह अपना कोई भी काम सही से नहीं कर पाते और न ही चैन से सो पाते हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों से वह इस टॉवर के ख़िलाफ शिकायत कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी गुहार नहीं सुन रहा। उनका कहना है कि अगर इस दिशा में प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए वह प्रशासन से इस दिशा में जल्द से जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं।

वहीं बलिया ख़बर (Ballia Khabar) ने इस मामले पर जब बेल्थरा रोड (Belthara Road) एसडीएम (SDM) विपिन कुमार जैन (Vipin Kumar Jain) से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें फिलहाल इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वह मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बलिया स्पेशल

बलिया विधानसभा सर्वे 2027

Published

on

2027 का विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहा है और बलिया नगर सीट पर सियासी हलचल तेज़ है। विधायक दयाशंकर सिंह के कामकाज को आप कैसे आंकते हैं? क्या उन्हें फिर से मौका मिलना चाहिए, और 2027 में आप किस पार्टी और किस चेहरे को विधायक के रूप में देखना चाहते हैं? बलिया ख़बर के इस सर्वे में अपनी राय दर्ज करें।

Continue Reading

featured

बलिया BJP की इनसाइड स्टोरी! संगठन में पद की लड़ाई अश्लील वीडियो तक आई?

Published

on

बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को लेकर दर्ज मुकदमे ने अब संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या संगठन में पद और प्रभाव की लड़ाई का विवाद इतना बढ़ गया कि मामला निजी वीडियो तक जा पहुंचा? सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण के पीछे संगठन में पद पाने की कथित होड़ और आपसी राजनीतिक खींचतान का एंगल भी सामने आ रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही वास्तविक तस्वीर साफ होगी।

क्या है पूरा मामला?: बांसडीह थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसका निजी वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रसारित किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

मामले में नामजद आरोपियों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वीडियो कॉल के दौरान उसका निजी वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके प्रसारित होने की जानकारी उसे बातचीत के दौरान मिली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को संबंधित बातचीत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात भी कही है।

पद की कथित लड़ाई से जुड़ा दूसरा एंगल : सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की एक दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि संगठन में पद और जिम्मेदारी को लेकर कुछ लोगों के बीच कथित तौर पर अंदरूनी खींचतान चल रही थी। इसी खींचतान के बीच विवाद ने ऐसा रूप लिया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को निशाने पर लेने और फंसाने के लिए मामले का फायदा उठाया।

सूत्रों का यह भी कहना है कि संगठनात्मक पद को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच व्यक्तिगत विवाद भी जुड़ता चला गया और आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि, यह दावा फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है कि कथित संगठनात्मक खींचतान का इस मामले से वास्तव में कोई सीधा संबंध है या नहीं।

जिले से लेकर लखनऊ तक मामला पहुंचाने की होड़?: इस पूरे प्रकरण को लेकर सूत्र एक और महत्वपूर्ण दावा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिले से जुड़े भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेता कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ नेता इस प्रकरण को लखनऊ तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

यानी एक तरफ मामले को स्थानीय स्तर पर संभालने और शांत कराने की कोशिश की चर्चा है, तो दूसरी तरफ इसे पार्टी के उच्च स्तर तक ले जाने की कवायद की बात सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि इसके पीछे भी संगठन में पद और प्रभाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक वजह हो सकती है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज: मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच, डिजिटल साक्ष्य और शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए कथित वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

फिलहाल बांसडीह पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह मामला केवल निजी वीडियो के कथित प्रसार का है या इसके पीछे संगठनात्मक पद की कथित लड़ाई, आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान की भी कोई भूमिका रही है।

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में

Published

on

मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।

प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।

टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।

टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!