देश
अगर आपके फोन में भी अपने आप सेव हो गया UIDAI हेल्पलाइन नंबर तो जानिए क्या करना चाहिए
देश में हजारों स्मार्टफोन यूजर्स शुक्रवार को आश्चर्यचकित रह गए, जब उन्होंने पाया कि यूआईडीएआई का टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर उनके फोन बुक में अपने आप सेव हो गया है. एक यूजर ने सेव्ड नंबर का स्क्रीन शॉट ट्वीट करते हुए लिखा, “यह कोई मजाक नहीं है. मेरे फोन में भी ऐसा हुआ है. मैंने इस नंबर को सेव नहीं किया था. जल्दी से अपना फोन भी चेक करें, मुझे चिंता हो रही है.” एक दूसरे यूजर ने ट्वीट किया, “ये कैसे हुआ कि यह नंबर मेरे फोन बुक में आ गया? अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो आप गतिविधियों की निगरानी भी कर सकते हैं.”
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने हालांकि कहा कि कुछ निहित हितों के कारण ‘जानबूझकर’ जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है और प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि उसने किसी निर्माता या दूरसंचार सेवा प्रदाता से ऐसी सुविधा प्रदान करने के लिए नहीं कहा है.
एक फ्रांसीसी सुरक्षा विशेषज्ञ एलियट एल्डरसन ने यूआईडीएआई से ट्विटर पर पूछा, “कई लोग, जिनके अलग-अलग सेवा प्रदाता हैं, चाहे उनके पास आधार कार्ड हो या ना हो या उन्होंने आधार एप इंस्टाल किया है या नहीं किया है. उन्होंने अपने फोन में नोटिस किया होगा कि बिना अपने कांटैक्ट लिस्ट में जोड़े आधार का हेल्पलाइन नंबर क्यों आ रहा है. क्या आप इसकी सफाई दे सकते हैं, क्यों?”
इस बहस में कई लोग शामिल हुए और उन्होंने अपने फोन में एकाएक आधार नंबर के आने के स्क्रीन शॉट्स को साझा करना शुरू कर दिया. एक ट्विटर यूजर ने कहा, “हां, यह सच है. यूआईडीएआई का हेल्पलाइन नंबर मेरे फोन बुक में जादू से आ गया. वे हमारा पीछा कर रहे हैं, जैसे एनएसए अमेरिका में करता है?”
वहीं, यूआईडीएआई का कहना है कि एंड्रायड फोन्स में जो आधार हेल्पलाइन नंबर दिख रहा है, वह पुराना है और वैध नहीं है. आधिकारिक बयान में कहा गया, “यूआईडीएआई का वैध टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1947 है जो पिछले दो सालों से ज्यादा समय से चल रहा है.”
ज्यादातर नए एंड्रॉयड स्मार्टफोन में जीमेल एकाउंट को लिंक करने की बाध्यता होती है. ऐसा करने से कांटेक्ट लिस्ट फोन में अपने आप अपडेट हो जाती है. जानकारों की मानें तो प्राधिकरण का नंबर वहीं से हर फोन में अपडेट हुआ है. 18003001947 प्राधिकरण का पुराना नंबर है जो अब इस्तेमाल में नहीं है. इसलिए अगर आपको फोन में यह नंबर दिख रहा है तो उसे एडिट कर 1947 कर लें, जो वर्किंग है.
नई दिल्ली: देश में हजारों स्मार्टफोन यूजर्स शुक्रवार को आश्चर्यचकित रह गए, जब उन्होंने पाया कि यूआईडीएआई का टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर उनके फोन बुक में अपने आप सेव हो गया है. एक यूजर ने सेव्ड नंबर का स्क्रीन शॉट ट्वीट करते हुए लिखा, “यह कोई मजाक नहीं है. मेरे फोन में भी ऐसा हुआ है. मैंने इस नंबर को सेव नहीं किया था. जल्दी से अपना फोन भी चेक करें, मुझे चिंता हो रही है.” एक दूसरे यूजर ने ट्वीट किया, “ये कैसे हुआ कि यह नंबर मेरे फोन बुक में आ गया? अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो आप गतिविधियों की निगरानी भी कर सकते हैं.”
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने हालांकि कहा कि कुछ निहित हितों के कारण ‘जानबूझकर’ जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है और प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि उसने किसी निर्माता या दूरसंचार सेवा प्रदाता से ऐसी सुविधा प्रदान करने के लिए नहीं कहा है.
एक फ्रांसीसी सुरक्षा विशेषज्ञ एलियट एल्डरसन ने यूआईडीएआई से ट्विटर पर पूछा, “कई लोग, जिनके अलग-अलग सेवा प्रदाता हैं, चाहे उनके पास आधार कार्ड हो या ना हो या उन्होंने आधार एप इंस्टाल किया है या नहीं किया है. उन्होंने अपने फोन में नोटिस किया होगा कि बिना अपने कांटैक्ट लिस्ट में जोड़े आधार का हेल्पलाइन नंबर क्यों आ रहा है. क्या आप इसकी सफाई दे सकते हैं, क्यों?”
इस बहस में कई लोग शामिल हुए और उन्होंने अपने फोन में एकाएक आधार नंबर के आने के स्क्रीन शॉट्स को साझा करना शुरू कर दिया. एक ट्विटर यूजर ने कहा, “हां, यह सच है. यूआईडीएआई का हेल्पलाइन नंबर मेरे फोन बुक में जादू से आ गया. वे हमारा पीछा कर रहे हैं, जैसे एनएसए अमेरिका में करता है?”
वहीं, यूआईडीएआई का कहना है कि एंड्रायड फोन्स में जो आधार हेल्पलाइन नंबर दिख रहा है, वह पुराना है और वैध नहीं है. आधिकारिक बयान में कहा गया, “यूआईडीएआई का वैध टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1947 है जो पिछले दो सालों से ज्यादा समय से चल रहा है.”
ज्यादातर नए एंड्रॉयड स्मार्टफोन में जीमेल एकाउंट को लिंक करने की बाध्यता होती है. ऐसा करने से कांटेक्ट लिस्ट फोन में अपने आप अपडेट हो जाती है. जानकारों की मानें तो प्राधिकरण का नंबर वहीं से हर फोन में अपडेट हुआ है. 18003001947 प्राधिकरण का पुराना नंबर है जो अब इस्तेमाल में नहीं है. इसलिए अगर आपको फोन में यह नंबर दिख रहा है तो उसे एडिट कर 1947 कर लें, जो वर्किंग है.
featured
सड़क दुर्घटना में हुई TV एक्टर की मौत, बलिया के रहने वाले थे अमन जायसवाल
बलिया : मुंबई से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बेल्थरा रोड के रहने वाले होनहार टीवी कलाकार अमन जायसवाल का शुक्रवार को एक सड़क हादसे में निधन हो गया। फिल्म सिटी के पास दोपहर करीब 3 बजे उनकी बाइक को पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक हादसे में अमन गंभीर रूप से घायल हो गए। तुरंत अस्पताल ले जाने के बावजूद, डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
अमन जायसवाल बेल्थरा रोड के रहने वाले थे। प्रतिष्ठित व्यापारी दिनेश जायसवाल के पौत्र और आशीष जायसवाल के बेटे थे। वह मुंबई में रहकर टीवी सीरियल्स में मुख्य किरदार निभा रहे थे और अपने काम से बलिया का नाम रोशन कर रहे थे। अमन मुंबई में जब भी किसी प्रोजेक्ट को साइन करते उनके नाम के साथ बलिया का जिक्र जरुर होता था। वह अब तक तीन लोकप्रिय टीवी सीरियल्स में मुख्य भूमिका निभा चुके थे। उनकी आकस्मिक मौत ने पूरे बेल्थरा रोड को गहरे शोक में डाल दिया है।
बड़े बड़े एक्टर्स के साथ धारावाहिक ‘धरतीपुत्र नंदिनी’ अमन जायसवाल का पहला लीड शो रहा। इसमें उन्होंने आकाश का किरदार निभाया था। जिसके बाद से उनकी पोपुलिराटी दिन ब दिन बदती जा रही थी और उन्हें कई प्रोजेक्ट मिले थे। बलिया के अमन फिल्मी सिटी कही जाने वाली मुंबई में रहकर कई फ़िल्म और सीरियल में किया। अमन की सफलता और संघर्ष की कहानी, युवाओं को प्रेरित करती आई है। अमन ने साबित किया कि छोटे शहर के लोग भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें पूरा कर सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को अमन बाइक से फिल्म सिटी के पास दोपहर करीब 3 बजे किसी ऑडिशन में जा रहे थें। अचानक हाईवे पर एक ट्रक ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। घायल अमन को उनके दोस्त अभिनेश मिश्रा तुरंत कामा अस्पताल लेकर गए, लेकिन हादसे के आधे घंटे बाद अमन ने दम तोड़ दिया।
अमन की मौत की खबर सुनते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। बेल्थरा रोड में लोग इस असामयिक घटना से गहरे सदमे में हैं। अमन जैसे होनहार कलाकार का यूं असमय जाना वाकई में बेहद दुखद है।
देश
पंजाब में AAP ने तोड़ा गठबंधन, अकेले लड़ने का किया ऐलान
कांग्रेस को एक और बड़ा झटका देते हुए पंजाब में आम आदमी पार्टी ने गठबंधन तोड़कर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इस ऐलान से पहले आम आदमी पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव में असम की तीन सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम की गुरुवार को घोषणा की। उसने उम्मीद जताई कि विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) उन्हें इन सीटों से चुनाव लड़ने की अनुमति देगा।
‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक ने संवाददाता सम्मेलन में तीन उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि डिब्रूगढ़ से मनोज धनोहर, गुवाहाटी से भावेन चौधरी और सोनितपुर से ऋषि राज को उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि ‘हम एक परिपक्व गठबंधन के भागीदार हैं और हमें पूरा विश्वास है कि ‘इंडिया’ गठबंधन इसे स्वीकार करेगा. लेकिन चुनाव जीतना सबसे महत्वपूर्ण है। हम इन तीन सीट के लिए तुरंत तैयारी शुरू कर रहे है।’
पाठक ने कहा कि ‘अब सभी चीजों में तेजी लानी चाहिए. कई महीनों से बातचीत जारी है लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। हम मोदी सरकार के खिलाफ लड़ाई में ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ हैं। गठबंधन के संबंध में सभी फैसले तुरंत लिए जाने चाहिए।’
देश
लोकसभा चुनाव से पहले AAP ने किया बडे़ स्तर पर संगठन विस्तार, कई विंगों में हुई नियुक्तियां
पंजाब में लोकसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने संगठन विस्तार करते हुए बड़े स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्तियां की हैं। करीब 2500 से अधिक लोगों को संगठन में जगह दी गई है। कुछ दिन पहले पार्टी जॉइन करने वाले नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां मिली है।
गुरदासपुर से भाजपा छोड़ AAP में शामिल हुए स्वर्ण सलारिया को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। जबकि डॉ. केडी सिंह और राजिंदर रीहल को स्टेट जॉइंट सेक्रेटरी लगाया गया है। वहीं, फतेहगढ़ साहिब लोकसभा हलका में कैप्टन हरजीत सिंह को लोकसभा वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। इसके अलावा अल्पसंख्यक विंग में बड़ी नियुक्तियां की गई हैं। पार्टी का लक्ष्य सभी 13 लोकसभा सीटों को फतह करना है। क्योंकि CM भगवंत मान पहले ही पंजाब में इस बार 13-0 का नारा दे चुके हैं।
पार्टी की तरफ से जिला से लेकर स्टेट तक संगठन के सभी विंगों में नई तैनाती की गई हैं। इसमें जिला स्तर के डॉक्टर विंग, एक्स इंप्लाई विंग, स्वर्णकार विंग, ट्रांसपोर्ट विंग, इंटेक्चुअल विंग और बीसी विंग शामिल है। बीसी विंग में सबसे ज्यादा लोगों को जगह दी गई। पार्टी ने संगठन को इस तरह मजबूत किया है कि ब्लॉक व गली तक उनकी पहुंच संभव हो पाए। इससे पहले भी पार्टी इस तरह इतने बड़े स्तर पर नियुक्तियां कर चुकी है।


