बलिया में स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बदहाल है। जिला अस्पताल में मशीनें नहीं हैं, डॉक्टर्स नहीं हैं। तो वहीं अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी बीमार पड़े हैं। अधिकारियों की उदासीनता के चलते क्षेत्र के 6 से अधिक नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है।
यहां चिकित्सक नहीं है तो वहीं स्वास्थ्य कर्मियों के पद भी खाली पड़े हैं। जो अस्पताल संचालित हैं वहां भी दवाएं और उपकरण नहीं हैं। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ठेकहा, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णछपरा, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहुआरा, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर, दुबेछपरा, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीनगर, जगदीश नरायण राजकीय चिकित्सालय बलिहार पर व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं।
इसमें अधिकांश अस्पतालों में ताला लटका हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में यहां मरीजों का इलाज संभव नहीं हैं। वहीं मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा इलाज के लिए जाना पड़ता है। कई बार अव्यवस्थाओं की शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सभी अस्पताल कागज में संचालित है। लेकिन धरातल पर सुविधाओं का अभाव है।
सीएमओ डॉक्टर जयंलत कुमार का कहना है कि चिकित्सकों की कमी है। नए चिकित्सकों के तैनाती के लिए मांग पत्र भेजा गया है। जब तक तैनाती नहीं होती दूसरे अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों में कुछ को इन अस्पतालों में तैनात कर संचालन का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही सभी अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा।
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