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मीडिया संस्थानों पर आयकर की कार्रवाई, दैनिक भास्कर के बाद भारत समाचार के दफ्तर पर छापा मारा
अपनी गलतियां देशवासियों के सामने उजागर न हो पाएं, इसके लिए अब सरकार देश के मीडिया संस्थानों को दबाने का प्रयास कर रही है। देश के जाने- माने मीडिया समूहों में से एक दैनिक भास्कर के दफ्तर में छापेमार कार्रवाई की गई है। साथ ही अब न्यूज चैनल भारत समाचार के दफ्तर पर भी आयकर के छापे मारे गए हैं। ख़बर है कि चैनल के कार्यालय के अलावा इसके मुख्य संपादक बृजेश मिश्रा और स्टेट हेड वीरेंद्र सिंह व दूसरे कर्मचारियों के घर पर भी छापेमारी की गई है। अपने संस्थान पर हुई इस कार्रवाई की पुष्टि खुद भारत समाचार ने की है।
भारत समाचार उत्तरप्रदेश का जाना- माना न्यूज चैनल है। जिसमें उत्तरप्रदेश में सरकार की गलत नीतियों को जनता के सामने लाया। कोरोनाकाल में चल रही अव्यवस्थाओं पर जमकर रिपोर्ट्स बनाईं। अपराध की सच्चाई जनता के सामने लाई। ऐसे न्यूज चैनल पर कार्रवाई के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। पत्रकारों से लेकर नेता भी न्यूज चैनल के सपोर्ट में उतर आए हैं।
इसी बीच पूर्व मंत्री नारद राय ने सरकार की निंदा करते हुए कहा कि हाथरस की बेटी को इंसाफ दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाला, लगातार प्रदर्शनकारी छात्रों की आवाज बनने वाला, प्रदेश में तैरती लाशों का हिसाब माँगने वाला और सरकार की तानाशाही के आगे डट कर खड़े रहने वाले भारत समाचार और बृजेश मिश्रा जी पर भी आयकर विभाग का छापा पड़ गया। सरकार डरी हुई है।
वहीं सहेलदेव पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि दैनिक भास्कर के बाद भारत समाचार के एडिटर इन चीफ श्री बृजेश जी व स्टेट हेड वीरेंद्र सिंह जी के घर पर छापा,आप तक भारतीय झूठ पार्टी की सच्चाई पहुँचाने की सजा मिल रही है। बृजेश मिश्रा जी बेबाक निर्भीक,निडर,साहसी पत्रकार हैं जो भाजपा सरकार को हमेशा आईना दिखाते रहते हैं,भारत समाचार देश के करोड़ों पिछड़ो, दलितों,शोषितों,वंचितों,हाथरस जैसी घटना की सच्चाई,कोरोना में हुए घोटाले की सच,शिक्षक भर्ती घोटालों की सशक्त आवाज़ बनने की सजा दे रही हिटलरशाही सरकार आप कितने भी छापे डालो आप सच की आवाज़ को नहीं दबा सकते। भाजपा सरकार के पाप का घड़ा जब भर चुका है।
वहीं कुछ मुख्य पत्रकारों ने सरकार की कार्रवाई को गलत बताया। जानी-मानी पत्रकार रोहिणी सिंह ने इस कार्रवाई को लेकर कहा है कि ‘सरकार डरी हुई है’। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि प्रदेश में तैरती लाशों का हिसाब मांगने वाले समाचार चैनल भारत समाचार पर आयकर छापा पड़ा है। वरिष्ठ पत्रकार आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने ट्वीट किया, ‘पहले दैनिक भास्कर और अब यूपी का भारत समाचार। सत्ता के सामने सच बोलने वाले आख़िरी कुछ हिंदी समाचार संगठनों पर हमले हो रहे हैं। यह निस्संदेह पेगासस एक्सपोज का पहला बड़ा प्रभाव है और सरकार कितनी नर्वस है। जब जब ये सरकार डरती है, एजेंसियों को आगे करती है..।’
बता दे कि भारत समाचार पर कार्रवाई से पहले दैनिक भास्कर समूह के मध्य प्रदेश सहित तीन राज्यों में 40 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की गई। भोपाल के प्रेस कॉम्प्लेक्स स्थित भास्कर समाचार पत्र कार्यालय और अरेरा कालोनी में रहने वाले अख़बार के मालिक सुधीर अग्रवाल के घर पर भी छापेमारी की कार्रवाई हुई।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


