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इन बातों से बीवी शौहर पर हराम हो जाती है, बहुत अहम मसला…देखिये विडियो

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दोस्तों अस्सलाम वालेकुम व रहमतुल्ला हीरो बरकात हूं दोस्तों आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताएंगे जिस बात को करने से बीवी शौहर के ऊपर हराम हो जाती है दोस्तों मौलाना तारिक मसूद साहब अपने बयान में कहते हैं कि कुछ चीजें ऐसी हैं जिन को अगर फॉलो किया जाए तो वह बीमारी खत्म हो सकती है जो लूत अलाएं सलाम के इस दौर में थी इससे की बीमारी फैलती नहीं है दोस्तों उन्होंने बीमारी से मुराद जेना यानी गैर औरतों से हमबिस्तर होने को कहा था और इस में सबसे बड़ी जिम्मेदारी बच्चों के वालीदैन की है क्योंकि बच्चे तो बच्चे ही होते हैं वालिद को चाहिए कि अपने छोटे बच्चे को जब कहीं ले जाए तो अपने साथ रखें अगर वह कहीं खेलता भी है.

तो उस पर निगरानी रखें कि वह कहीं बड़ों में ना खेलें और रात को जिम्मेदारी यह है कि अपने बच्चे को कजिन के साथ हरगिस हर किस नहीं सोने देना है एक ही बिस्तर पर इसका यह मतलब नहीं होता की कजिन खराब होते हैं बल्कि 10 में से कोई एक अगर गलत निकला तो उन नौ से भी उसको बचाना पड़ेगा मुसीबत हमारे जमाने में यह है कि जब किसी से कहा जाए कि कजिन के साथ बिस्तर पर ना सो तो वह कहते हैं.

कि यह बहुत नेक है तो दोस्तों जब बच्चा 7 साल का हो जाए तो उसके बाद यह एहतियात करना चाहिए चाहे वो कजिन कितने ही नेक हूं कितने ही अच्छे हो लेकिन यह एहतियात करना है इसी तरह बच्चा अपने सगे भाई के साथ सो सकता है लेकिन सगी बहन के साथ नहीं सो सकता 7 साल के बाद बेटा बाप के साथ तो सो सकता है लेकिन मां के साथ एक बिस्तर पर नहीं सो सकता और इसी तरह बेटी मां के साथ एक बिस्तर पर सो सकती है लेकिन बाप के साथ एक बिस्तर पर नहीं सो सकती इसी तरह जब बेटी 9 साल की हो जाए तो बाप को यह चाहिए कि उसको प्यार करने में एहतियात करें.

कोशिश यह करें कि उसकी बॉडी बाप की बॉडी से टच ना हो प्यार अगर करना हो तो बालों पर प्यार करे हाथ रखे मूसा ले ले लेकिन गाल और होंठ पर प्यार ना करें और जब वह बालियों को हो जाए तो हरगिज़ ना करें क्योंकि अगर प्यार करते वक्त बाप के दिल में शहवत आ गई तो उस बेटी की मां अपने शौहर के लिए हमेशा हमेशा के लिए हराम हो जाएगी शरीयत ने एक वक्त पर एक ही ओर से सेक्सुअल रिलेशनशिप बनाने की इजाजत दिया है अगर मां से हो गया तो बेटी से नहीं हो सकता अगर बीटी से हो गया है तो मां से नहीं हो सकता।। आगे देखें वीडियो में।।

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा

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बलिया।
जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अत्यंत उत्साहपूर्ण और भावनात्मक माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के सह-प्रबंध निदेशक सौम्या प्रसाद द्वारा मां सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के सुविचार “उठो, जागो और तब तक न रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” को दोहराते हुए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ और संकल्पित रहने का संदेश दिया।

इसके बाद छात्र-छात्राओं द्वारा रैंप वॉक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं नाट्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने खूब सराहा। कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति आभार प्रकट करते हुए विद्यालय में बिताए गए अविस्मरणीय पलों को साझा किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने कहा कि अब विद्यार्थी जीवन की नई उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने छात्रों को अपनी क्षमताओं और लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए सही दिशा में आगे बढ़ने का प्रेरक संदेश दिया।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक तुषार नंद ने कहा कि छात्रों की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय हर संभव सहयोग करता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के माध्यम से विद्यालय एवं जनपद का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सीनियर कोऑर्डिनेटर अरविंद चौबे ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों को भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में गणित शिक्षक आनंद मिश्रा, भौतिक विज्ञान शिक्षक इरफान अंसारी, वाणिज्य विभाग के लेखा शिक्षक संजीव सिंह, अर्थशास्त्र शिक्षक आशुतोष सिंह, जीव विज्ञान शिक्षिका शिवांगी, हिंदी शिक्षक चंद्रकेश गुप्ता सहित अभिषेक जायसवाल, असलम अंसारी, अफ़ज़ल ख़ान तथा कक्षा 11वीं के छात्र-छात्राओं का सहयोग सराहनीय रहा।

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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी

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बलिया।  जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।

एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!

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बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।

नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।

राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।

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