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ज़िन्दगी में दुःख क्यों मिलता है? इमाम अली(र.अ.) का हैरत्नाक जवाब…देखिये विडियो
दोस्तों हजरत अली रजि अल्लाह ताला अनु की बहादुरी से कौन नहीं वाकिफ है अहले इमान तो क्या गैर मुस्लिम भी आपके गुण गाते दिखाई देते हैं और 14०० साल बीत जाने के बाद भी आज आपकी कही हुई बातें से तालीम हासिल की जा रही है दोस्तों आज हम आपको एक ऐसा वाकया बताएंगे जिस में एक शख्स हजरत अली रजि अल्लाह ताला अनु के दरबार में हाजिर होता है और फरमाता है की जब अल्लाह पाक अपने बंदे से 70 माओ से ज्यादा मोहब्बत करते हैं तो वह हमें मुसीबत और परेशानी है में कैसे मुब्तिला करता है दोस्तों रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम में ने फरमाया कि मैं इल्म का शहर हूं और अली उसका दरवाजा है.
रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा कि जिस किसी को इल्म सीखना होगा उसको इस शहर के दरवाजे पर आकर सदा बुलंद करनी होगी सहाबा इकराम रजि अल्लाह ताला अनु मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बातों को समझते थे दोस्तों हम देखते हैं कि उस जमाने में हजरत अली के दरबार में कोई ना कोई शख्स दाखिल होता और अपनी परेशानी को उनसे डिसकस करता और उनसे अपना एक जवाब हासिल करता.

ऐसे ही एक मर्तबा अली रजि अल्लाह ताला अनु अपने दरबार में बैठे हुए थे और एक शख्स आया और कहने लगा अली रजि अल्लाह ताला अनु अगर अल्लाह पाक हम से 70 माँ से ज्यादा मोहब्बत करता है तो वह हमें मुश्किलों और परेशानियों में क्यों मुब्तिला करता है.दोस्तों हजरत अली रजि अल्लाह ताला अनु मुस्कुराए और कहा है शख्स अल्लाह का शुक्र अदा करो कि अल्लाह ने तुम्हें पैदा किया यह अल्लाह की इतने नेमतों में से बड़ी नेमत उस पर उस शख्स ने हैरान होकर पूछा की या अली दुख भी एक नेमत है.

हजरत अली रजि ताला ने फरमाया यह शख्स दुख इस तरह से नेमत है कि अल्लाह जिस शख्स को मजबूत बनाना चाहता है उसे दुख देता है और जिस शख्स को अपने करीब करना चाहता है उस पर परेशानी भेजता है क्योंकि वह शख्स आ सानियों और खुशियों के वक़्त अल्लाह ताला से दूर रहता है इसलिए उस पर हाला डाले जाते हैं ताकि वह अल्लाह से करीब हो जाए कि वह अल्लाह की तरफ लौट आए और अल्लाह को अपनी दुआओं में याद करें और उसी के आगे सर झुकाए।। आगे देखें वीडियो में।।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





