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हर अवलाद को अपने माँ बाप के लिए ये छोटा सा काम ज़रूर करना चाहिए.
दोस्तों आपकी जिंदगी की दो ऐसी शख्सियत जिसका कोई मोल नहीं .जिसका कोई सानी नहीं . जिसकी कोई बराबरी नहीं. यह ऐसी शख्सियत हैं जो आपके सर के ऊपर छत की तरह आपकी जिंदगी से लगे हुए होते हैं यह छत ना हो तो आप गरबे भी खाएंगे यह शक ना हो तो आप पर पानी भी पड़ेगा यह छत ना हो तो आपको ठंड भी लगेगी यह छत ना हो तो आपको तमाम तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा . जी हां दोस्तों हम आज दो ऐसी शख्सियत के बारे में बात करेंगे जो सभी की जिंदगी से जुड़े हुए हैं कुछ के मौजूद हैं कुछ के जा चुके हैं कुछ के मौजूद हैं तो उनकी कद्र नहीं करता और कुछ के मौजूद हैं तो उनसे मोहब्बत से और उनकी खिदमत करता है .
वैसे तो हर शख्स अपने मां बाप को मोहब्बत करता है और उनकी खिदमत करना चाहता है क्योंकि मां बाप ने जिस तरह से बचपन में उस शख्स को पाला होता है वैसा देखभाल करने वाला इस दुनिया में दूसरा कोई ना मिलेगा . दोस्तों आज हम आपको एक छोटी सी बहुत ही छोटी सी ऐसी दुआ बताएंगे जिससे आप अपने मां बाप के लिए कम से कम दिन भर में जरूर पढ़ लें . दोस्तों दुआ बहुत छोटी है लेकिन नफा बहुत बड़ा है.

अल्लाह ने कुरान में एक छोटी सी दुआ फरमाएं जो हर शख्स अपने मां बाप के लिए पड़ सकता है दुआ छोटी जरूर है नफा बहुत बड़ा है . सूरह अल इसरा जो कि कुरान की 17वी सूरह है इस सूरह की 23वी और 24वी आयात को देखेंगे आप तो यह दुआ आपको एक छोटी सी दुआ को मिलेगी .इस आर्ट का तर्जुमा यह है “ए मेरे रब जैसे उन्होंने मुझे बचपन से पाला है इसी तरह तू भी उन पर रहम फरमा”.

दोस्तों इस छोटी सी दुआ को अपने मां बाप के लिए बड़े जिससे उन पर अल्लाह का रहम हो और अगर इस दुनिया में है तो आप इससे रहे और अगर दुनिया से जा चुके हैं तो कब्र में ऑफिस से रहें और उसके बाद की मंजिल भी आसान है . दोस्तों जिन्होंने हमें इतनी मोहब्बत से पाला क्या हम उनके लिए अपने दिन भर के 24 घंटे में मात्र 1 मिनट 2 मिनट भी नहीं निकाल सकते इस दुआ के लिए दोस्तों मां बाप एक ऐसी अजीम तरीन शख्सियत है जिसकी कद्र करना चाहिए इसके लिए दुआ करना चाहिए जिससे मोहब्बत करना चाहिए जिसकी खिदमत करना चाहिए. दोस्तों कुरान कि वो आयत जिसको अपने मां बाप के लिए हमें पढ़ना है वह नीचे दी हुई है :
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





