बलिया
बलिया में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू हुई नई पहल!
बलिया में पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गोयल सर्विसेज के द्वारा एक उत्कृष्ट पहल की गई। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने इसका शुभारंभ किया।
गोयल सर्विसेज़ के द्वारा केवल 999 रुपए प्रति व्यक्ति के खर्च पर बलिया के 12 पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा साथ ही एक समय का भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा। किसी भी समय कोई भी व्यक्ति गोयल सर्विसेज़ द्वारा जो की सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रैवल एजेंसी है से 9838452577 पर बुकिंग करा कर इन दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करने का लाभ ले सकता है।
जिन 12 स्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। उनमें भृगु मंदिर, बालेश्वर मंदिर, चौक शहीद पार्क, कारो धाम, ख़ाकी बाबा टेम्पल खानवर, जनेश्वर मिश्र पार्क, सुरहा ताल, चितेश्वर नाथ मंदिर, गायत्री शक्ति पीठ, चैन राम बाबा समाधि स्थल, माँ मंगला भवानी और श्री नाथ बाबा रसड़ा आदि शामिल है।
इसी क्रम में जिस गाड़ी को ज़िलाधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया उसमें मनीष केशरी, गोयंक गोयल, अनिल वर्मा, विशाल गुप्ता यात्री मौजूद थे।
इस अवसर पर ज़िलाधिकारी ने बताया कि यह एक शुरुआत है। धीरे धीरे बलिया के सभी पर्यटन स्थलों को इसमें जोड़ा जाएगा और बलिया के एवं बलिया के बाहर से आने वाले यात्रियों को एक सुरक्षित माहौल में पर्यटन कराया जाएगा। इस अवसर पर ज़िलाधिकारी के लघु सिंचाई के श्याम सुंदर, पर्यटन सूचना अधिकारी रवि शंकर त्रिपाठी जी व गोयल सर्विसेज़ के रजत अग्रवाल व रजनीकांत सिंह, प्रदीप वर्मा, सौरभ अग्रवाल आदि लोग उपस्थित रहे।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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