बलिया स्पेशल
बलिया में सरकारी स्कूल बना मवेशियों का रैन बसेरा, प्रशासन के आँखों पर बंधी पट्टी
बलिया। शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्रत्येक परिषदीय विद्यालयों में चहारदीवारी का होना अनिवार्य है। बावजूद इसके बलिया में ऐसे बहुतेरे स्कूल ऐसे है। जहां बाउण्ड्रीवाल है ही नहीं। जिससे स्कूली बच्चों को काफी दुश्वारियों से रूबरू होना पड़ता है।
ऐसे विद्यालयों तो बहुत है। जहां सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं हैं। एक बानगी चिलकहर ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरयां बगडौरा मे चहारदीवारी न होने से विद्यालय के 176 बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पडता है। विद्यालय के कक्षा 8 के छात्र अनुभव कुमार सिंह ने विद्यालय मे चहारदीवारी निर्माण की मांग करते हुए कहा है कि विद्यालय के एक तरफ सटे हुए पीच सडक़ है तो दुसरे तरफ सटे हुए गहरा पोखरा है। जिसके चलते हमेशा दुर्घटना की अनहोनी बनी रही है।
विद्यालय के ही कक्षा 7 की छात्रा कुमारी गजला परवीन का कहना है कि चहारदीवारी न होने से विद्यालय परिसर मे ही गांव वाले बाजार लगाते है । धान-गेहूं के सीजन मे विद्यालय में ही अनाज का बोझा रखकर महीनों इसी मे पिटाई करते है। विद्यालय में ही एक चबुतरा है , जिस पर गांव के मनबढ़े युवक दिन भर उसी पर बैठे रहते है। जिसके चलते विद्यालय की छात्राएं सटे हुए शौचालय का प्रयोग भी नहीं कर पाती है ।
कक्षा 7 की ही छात्रा प्रिया कुमारी का कहना है कि बाहर के आवारा पशु आकर विद्यालय को तो गँदा करते ही है। गांव वाले भी अपना पशु दिन-रात उसी मे बांधते है। जिससे पुरा विद्यालय गंदा हो जाता है। जिससे पढाई भी बाधित होती है ।
इस मामले पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक जय मंगल यादव का कहना है कि हमनें विद्यालय मे चहारदीवारी निर्माण के लिए कई बार अपने खंड शिक्षा अधिकारी को लिखिक व मौखिक सूचना दी है। बैठकों में लगभग हर साल हमने विद्यालय मे चहारदीवारी निर्माण की मांग की है। लेकिन दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि इस विद्यालय मे अभी तक चहारदीवारी का निर्माण नही हो पाया है। इसके लिए ग्राम प्रधान से भी वार्ता किया। बावजूद अभी तक चहारदीवारी नहीं बन पायी है ।
इस संंबध में क्षेत्रीय ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रामअवध राम से जब वार्ता की गयी कि उनका रटा रटाया एक ही जवाब मिला कि इस बार इसे कार्य योजना मे शामिल कर लिया जायेगा।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न आयामों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित कर सबको प्रभावित किया। उनकी सृजनशीलता और तकनीकी कौशल को देखकर अतिथि, अभिभावक व आगंतुक मंत्रमुग्ध रह गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के विख्यात एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, शोध क्षमता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।
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फेफना खेल महोत्सव : कबड्डी फाइनल में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बेटियों का दमदार प्रदर्शन
बलिया, 3 दिसंबर 2025। फेफना खेल महोत्सव 2025 के तहत आज बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा। खिताबी जंग जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव और मर्चेंट इंटर कॉलेज, बलिया के बीच खेली गई।
कड़े संघर्ष से भरे इस मैच में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बालिकाओं ने शानदार कौशल, साहस और टीमवर्क का परिचय दिया। अंतिम मिनटों तक चले रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।

पूर्व खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व खेल मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी ने दोनों टीमों से भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार में उत्सव जैसा माहौल
विद्यालय के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर तुषार नंद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन स्कूल के लिए गर्व की बात है।
प्रधानाचार्य अरविंद चौबे और क्रीड़ा शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल ने भी टीम की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




