उत्तर प्रदेश
देवरिया कांड: शेल्टर होम से मुक्त कराई गई 7 बच्चियों को बलिया लाया गया
देवरिया
देवरिया के एक शेल्टर होम से मुक्त कराई गई 23 बच्चियों समेत 26 बच्चियों को शुक्रवार को बलिया, लखनऊ, वाराणसी के संरक्षण गृहों में स्थानांतरित कर दिया गया।
इनमें से एक बच्ची गोरखपुर में बरामद हुई थी। जबकि दो अन्य अनाथ बच्चियों को आरपीएफ ने गुरूवार को रेलवे स्टेशन से लाकर बाल सदन को सौंपा था। सेल्टर होम से बरामद सभी 23 बच्चियों का गुरुवार को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मैजिस्ट्रेट से सामने बयान दर्ज करवाया गया।
इन 23 बच्चियों के अलावा सेल्टर होम में ही रहने वाली एक बच्ची गिरजा त्रिपाठी गोरखपुर स्थित बृद्वा आश्रम से बरामद हुई थी। इनमें से 13 बच्चियों को वाराणसी, 7 बच्चियों को बलिया और 6 बच्चियों को लखनऊ स्थित संरक्षण गृह में भेजा गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि लखनऊ भेजी गई 6 बच्चियों को पहले इलाहाबाद भेजा जाना था मगर ऐन वक्त पर इनको लखनऊ भेजने का निर्देश मिला।
शेल्टर होम प्रकरण की जांच करने एसआईटी की टीम शुक्रवार को देवरिया पहुंची। एडीजी क्राइम संजय सिंघल की अगुवाई में मेरठ पीटीसी में तैनात एसएसपी पूनम सिन्हा समेत तीन सदस्यीय टीम लगभग 1 बजे देवरिया पहुंची। जहां लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में थोड़ी देर ठहरने के बाद पुलिस लाइन के मनोरंजन गृह पहुंची। जहं इस घटना से संबंधिंत सभी फाइलों को तलब किया और जांच शुरू कर दी। देवरिया शहर के स्टेशन रोड में चल रहे इस शेल्टर होम से रविवार की शाम एक 13 वर्षीय बच्ची भाग कर महिला थाने पहुंच कर पुलिस के सामने शेल्टर होम के बारे में बताया था।
बच्ची के मुताबिक वहां रहने वाली बच्चियों से देह व्यापार कराया जाता था और मना करने पर पिटाई की जाती थी। उसने सेल्टर होम की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी और अधीक्षिक कंचनलता त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले की जानकारी के बाद पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने सेल्टर होम पर छोपमारी कर 23 बच्चियों को बरामद किया और संचालिका गिरजा त्रिपाठी समेत उसके पति मोहन त्रिपाठी को गिरफतार किया था।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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PET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, बलिया के बांसडीह CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता गिरफ्तार
बलिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।
कैसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अभ्यर्थियों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बाद एडमिट कार्ड और पहचान पत्र में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। इस खेल को मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता संगठित तरीके से संचालित कर रहा था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस का सख्त रुख
एसपी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।
यह गिरफ्तारी जिले में स्वास्थ्य विभाग और परीक्षा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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गाली देने वाले शहरों के टॉप 10 में शामिल हुआ बलिया, 73% लोग करते हैं गालियों का इस्तेमाल
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का नाम अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहाँ गालियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। हाल ही में जारी एक सर्वे के मुताबिक, बलिया के 73% लोगों ने खुद कबूल किया कि वे बातचीत के दौरान गालियों का प्रयोग करते हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब यह आदत सिर्फ युवाओं और बड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि चौथी क्लास तक के बच्चे भी गालियां देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और घर-परिवार का माहौल है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि गालियों की बढ़ती आदत न केवल भाषा को दूषित कर रही है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों को बेहतर वातावरण और सही भाषा सिखाने की अपील की।
टॉप 10 शहर जहाँ सबसे ज्यादा गालियां दी जाती हैं
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कानपुर – 78%
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लखनऊ – 76%
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वाराणसी – 76%
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मुरादाबाद – 76%
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संतकबीरनगर – 76%
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मेरठ – 75%
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प्रयागराज – 75%
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गौतमबुद्ध नगर – 73%
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बलिया – 73%
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मिर्जापुर – 73%


