बैरिया
बलिया : संदिग्ध परिस्थितियों में युवती की मौत, परिजनों ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
बलिया। जनपद के नरही थाना के अंतर्गत उजियार गांव में एक युवती की उसके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवती का नाम चंदा गुप्ता बताया जा रहा है। युवती की अचानक मौत के बाद से पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि युवती गर्भवती थी, उसका एक पांच साल का बेटा भी है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरु कर दी है। वहीं युवती के परिजनों से ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक उजियार गांव की चंदा गुप्ता पुत्री कांता प्रसाद गुप्ता की शादी 12 नवंबर 2015 को गाजीपुर जनपद के भांवरकोल थानांतर्गत मनिया ग्राम के रहने वाले मुकेश गुप्ता पुत्र स्व. गोपाल गुप्ता के साथ हुई थी। लेकिन शादी के बाद से चंदा के पति व ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते थे। जिसके बाद चंदा के पिता उसे मायके ले आए। लगभग 2 सालों तक वह मायके में रही। इसके बाद चंदा के पति और सास अन्य रिश्तेदारों के साथ आए और समझौता कराकर चंदा को वापस ससुराल ले गए। लेकिन कुछ दिन सब कुछ ठीक रहने के बाद वापस से चंदा को प्रताड़ित करना शुरु कर दिया गया।
इसी बीच चंदा गर्भवती हो गई। चंदा की सास व ननद प्रिया गुप्ता उसे मायके वालों से बात नहीं करने देती थी। एक दिन चंदा ने किसी तरह अपनी मां को फोन कर बताया कि वह गर्भवती है, उसके शरीर में खून नहीं है। उसकी तबीयत खराब है लेकिन फिर भी कोई उसका इलाज नहीं करवा रहा। चंदा के पिता ने इस बारे में उसकी सास से बात की तो उन्होंने इलाज कराने की बात कही। लेकिन फिर भी चंदा का इलाज नहीं कराया गया। प्रताड़ना से तंग आकर चंदा जिंदगी की जंग हार गई और उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
लेकिन चंदा की मौत के बाद भी मायके वालों को सूचना नहीं दी गई है। मोहल्ले के किसी व्यक्ति ने परिजनों को इस बात की जानकारी दी जिसके बाद मृतका के माता पिता गांव पहुंचे और भांवरकोल थाना को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरु कर दी है। परिजनों का साफ-साफ आरोप है कि बेटी को ससुराल वाले प्रताड़ित कर रहे थे। पिछले 11 महीनों से उन्होंने अपनी बेटी को देखा भी नहीं था। वहीं चंदा के पिता का कहना है कि कुछ दंबग लोग जांच को प्रभावित कर रहे थे। और मामले को रफा-दफा कराने की कोशिश कर रहे हैं।
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बैरिया विधानसभा सर्वे 2027
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल के कार्यकाल में सड़क, रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाढ़ जैसे मुद्दों पर क्षेत्र को क्या मिला? आप उनके काम को कितने नंबर देंगे और 2027 में किसे विधायक देखना चाहते हैं? बलिया ख़बर के सर्वे में हिस्सा लें।
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आजाद अधिकार सेना ने ओम प्रकाश को सौंपी बलिया जिलाध्यक्ष की कमान
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने क्षेत्र के पिपरियाटा निवासी ओम प्रकाश गिरी को बलिया जनपद का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, कर्ण छपरा निवासी त्रिवेणी सिंह को बैरिया विधानसभा क्षेत्र का अध्यक्ष बनाया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दोनों पदाधिकारियों को संगठन के साथ मिलकर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का निर्देश दिया है।
ओम प्रकाश गिरी ने कहा कि संगठन द्वारा उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना संगठन की प्राथमिकता होगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी को गांव-गांव तक मजबूत किया जाएगा और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए आम लोगों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
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मैनेजर सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक के नाम से जाना जाएगा इब्राहिमाबाद का पॉलीटेक्निक
बलिया के बैरिया क्षेत्र के इब्राहिमाबाद में करोड़ों की लागत से बने राजकीय पॉलीटेक्निक बनाया गया था। अब इसे जननायक स्व. बाबू मैनेजर सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक के नाम से जाना जाएगा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की पहल पर प्रदेश सरकार और राज्यपाल की ओर से इसकी मंजूरी मिल गयी है।
बता दें कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश की पिछली सरकार में करीब 19 करोड़ रुपए खर्च कर इब्राहिमाबाद में राजकीय पॉलीटेक्निक का निर्माण कराया गया था। इसका लोकार्पण तत्कालीन विधायक सुरेन्द्र सिंह ने किया था।
कुछ दिनों पहले परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने राजकीय पॉलीटेक्निक का नाम अपने मामा और बलिया के गांधी व बैरिया के मालवीय कहे जाने वाले पूर्व विधायक मैनेजर सिंह के नाम पर करने की पहल की थी। इसके लिए उन्होंने शासन को पत्र लिखा था।
अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। गुरुवार को परिवहन मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि शासन से मंजूरी के बाद राज्यपाल की ओर से नामकरण की अनुमति मिल गयी है।
खास बात है कि मैनेजर सिंह ने बेरिया क्षेत्र में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के कई केन्द्र स्थापित किए। हालांकि किसी से उन्होंने अपना नाम नहीं जोड़ा। राजकीय पॉलीटेक्निक का नामकरण उनके नाम पर होना स्व. सिंह के प्रति श्रद्धांजलि है।
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