Uncategorized
गैर मुस्लिम ही नहीं इस मुस्लिम समुदाय को भी इजाज़त नहीं है हज की…
आज हम आपको मुसलमानों के उस समुदाय के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको हज पर जाना मना है। आपको बता दें कि इस समुदाय का नाम अहमदिया समुदाय है। अहमदिया समुदाय एक ऐसा समुदाय है जो कि हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को आखरी पैगंबर नहीं मानता है। दुनिया का हर एक इंसान जो इस्लाम को अपना दीन मानता है वह हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो वाले वसल्लम को आखरी नबी भी मानता है और इसी बात पर वह ईमान लाता है लेकिन मुसलमानों में एक ऐसा समुदाय है जो हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो वाले वसल्लम को आखरी नबी नहीं मानता है

उस समुदाय का नाम अहमदिया समुदाय है। अहमदिया समुदाय के लोग देखने में तो बिल्कुल मुसलमानों की तरह नजर आते हैं वह नमाज, दाढ़ी, टोपी और अपने लिबास से बिल्कुल मुसलमान नजर आते हैं लेकिन उनका यकीन हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो वाले वसल्लम के आखिरी नबी होने पर नहीं है।

आपको बता दें कि मुसलमान जब कलमा पढ़ते हैं तो इस बात पर यकीन रखता हैं कि हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अल्लाह की आखरी नबी है। जिनके बाद इस दुनिया में कोई पैगंबर नहीं आने वाला है। लेकिन अहमदिया समुदाय जो कि अपने आप को मुसलमान कहता है वह इस बात पर यकीन नहीं रखता बल्कि अहमदिया समुदाय ने अपने वर्तमान उच्च गुरु को नबी माना है।

अहमदिया समुदाय का कहना है कि गुलाम अहमद कादियानी ने अपनी कोई शरीयत नहीं दी है बल्कि उन्होंने हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो वाले वसल्लम की ही बात को आगे बढ़ाया है लेकिन वह खुद भी एक नबी का दर्जा रखते हैं।इसी के साथ आपको बता दें कि अहमदिया समुदाय के लोगो की सबसे ज्यादा संख्या पाकिस्तान में है पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय की संख्या लगभग 40 लाख है इसी के साथ नाइजीरिया में 25 लाख की तादात है और भारत में 10 लाख की है। इंडोनेशिया में 4 लाख की है।
Uncategorized
जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
Uncategorized
जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
Uncategorized
माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





